Meerut Blue Drum Muskaan Sahil Case Update: नीले ड्रम वाली मुस्कान और साहिल के केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। सौरभ के भाई ने पति-पत्नी के भरोसे के कत्ल के कहानी बताई है।
Meerut Blue Drum Muskaan Sahil Case Update: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में अब कानूनी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र से जुड़े इस सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को जिला न्यायालय में अंतिम बहस की प्रक्रिया शुरू हो गई। मामले की सुनवाई जिला जज अरविंद मिश्र की अदालत में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने शुरुआती दलीलें पेश करते हुए पूरी घटना का क्रमवार विवरण रखा। अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 मई को होगी, जहां आगे की बहस जारी रहेगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मृतक सौरभ राजपूत ने मुस्कान रस्तौगी से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों का रिश्ता सामान्य था, लेकिन बाद में उनके वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ने लगा। सौरभ ने अपने परिवार को बताया था कि वर्ष 2019 से उसकी पत्नी मुस्कान के साहिल शुक्ला नाम के युवक से संबंध हैं। इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
सौरभ ने अपने परिजनों को यह भी बताया था कि उसे मुस्कान और साहिल से जान का खतरा महसूस हो रहा है। इसके बावजूद परिवार लगातार मुस्कान को समझाने की कोशिश करता रहा ताकि रिश्ते को बचाया जा सके।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में FIR दर्ज कराई थी। शिकायत में बबलू ने कहा था कि 3 मार्च से उसके भाई सौरभ का कोई पता नहीं चल रहा था। काफी तलाश के बाद भी जब सौरभ की कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई।
FIR में बबलू ने आरोप लगाया था कि मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी और शव को कहीं छिपा दिया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई।
सरकारी अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि इस मामले में कुल 22 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। इन गवाहों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने विभिन्न साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का भी हवाला दिया।
बताया गया कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूत, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयान इस हत्याकांड में आरोपियों की भूमिका की ओर इशारा करते हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत से मामले को गंभीरता से देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जिला अदालत में शुक्रवार को बहस का पहला चरण पूरा हुआ। अब इस चर्चित मामले में 27 मई को दोबारा सुनवाई होगी, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी आगे की दलीलें पेश करेंगे। मेरठ का यह मामला पहले ही पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की नजरें अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।