कैराना उपचुनाव के प्रचार में शीर्ष नेता शामिल हुए थे
मेरठ। कैराना उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह की हार के बाद भाजपा संगठन में आराेप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। हार का जिम्मा एक-दूसरे पर डाल रहे हैं, जबकि भाजपा के करीब एक महीने के प्रचार के दौरान इन्होंने कभी कुछ नहीं बोला। मृगांका के हारते ही इन्होंने कारण गिनाने शुरू कर दिए हैं। उपचुनाव के प्रचार में यहां भाजपा सरकार आैर संगठन का हर वह बड़ा चेहरा मौजूद था, जिनके बूते चुनाव परिणाम बदलते आए हैं, लेकिन कैराना में इनका जादू नहीं चल पाया। इनमें सीएम, डिप्टी सीएम समेत कर्इ विधायक शामिल रहे हैं। इन्हीं में भाजपा के फायरब्रांड सरधना विधायक संगीत सोम भी रहे, जिन्होंने जमकर पार्टी का चुनाव प्रचार किया। उपचुनाव के नतीजे आने के बाद उन्होंने यह कहा।
स्थानीय नेताआें से त्रस्त थी जनता
कैराना मेें भाजपा की हार पर इस फायरब्रांड विधायक ने खुलकर हार का ठींकरा अपनी पार्टी के नेताआें पर फोड़ा है। संगीत सोम ने कहा कि कैराना की जनता स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परेशान आैर नाराज थी। जनता इन जनप्रतिनिधियों से त्रस्त थी। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने उनसे अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की थी, लेकिन वोटिंग से जाहिर होता है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस हार की बड़ी वजह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधियों को समय-समय पर जनता के बीच जाना चाहिए था आैर उनकी परेशानी पूछनी चाहिए थी, लेकिन एेसा नहीं किया गया।
भाजपा नेताआें ने डाला था डेरा
सरधना विधायक संगीत सोम समेत मेरठ जनपद के तमाम पार्टी नेता कैराना गए थे आैर इन्होंने जमकर वहां भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था, लेकिन रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन की धमाकेदार जीत ने भाजपा हार्इकमान को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा की थी आैर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी के प्रचार में हिस्सा लिया था।