कैराना उपचुनाव के मतदान के दौरान उठाए ये सवाल
मेरठ। शामली-कैराना में सोमवार को उपचुनाव के मतदान के दौरान खराब हुई ईवीएम की गूंज मेरठ तक पहुंची। मेरठ में भी विपक्ष ने भाजपा सरकार पर ईवीएम को खराब करवाने का दोष जड़ते हुए कहा कि ये भाजपा की साजिश है। भाजपा सरकार ने जानबूझकर कैराना उपचुनाव में ऐसी ईवीएम मशीन भेजी, जिससे कि मतदाताओं को वोट डालने में परेशानी का सामना करना पड़े और वे अपने मत का प्रयोग न कर सकें। सपा और बसपा के पदाधिकारियों ने कहा कि इसका विरोध किया जाएगा और आयोग से दोबारा चुनाव कराने की मांग की जाएगी।
'फूलपुर और गोरखपुर का बदला लेना चाहती है भाजपा'
मेरठ में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री कुलदीप उज्जवल ने कहा कि भाजपा सरकार इस समय बौखला गई है। सरकार किसी भी कीमत पर फूलपुर और गोरखपुर में हुए उपचुनाव की हार का बदला लेना चाहती है। इसलिए नूरपुर और कैराना उपचुनाव में उसने एक साजिश के तहत ऐसा किया। मतदान केंद्रों पर लोग गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में मत न डाल सके और मतदान केंद्र तक आने के बाद भी लोगों को ईवीएम खराब मिले, जिससे और लोग अपना वोट देने न जा सके इसलिए भाजपा ने ऐसा करवाया है। यह मत प्रतिशत को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन दर्ज करा दिया गया। समाजवादी फिर से चुनाव कराने की मांग करेगी। अगर आयोग इसके लिए नहीं तैयार होता तो समाजवादी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
भाजपा ईवीएम में खराबी पैदा कर पहले ही हार गर्इ
रालोद के राष्टीय महासचिव डा. मैराजुद्दीन ने कहा कि ये सब भाजपा की चाल है। कैराना उपचुनाव तो भाजपा पहले से ही हारी हुई थी। उसने ईवीएम में छेड़छाड़ करवा कर यह साबित भी कर दिया। भाजपा का एकमात्र मकसद बढ़ते वोट प्रतिशत को प्रभावित करना था जो उसने कर दिया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी जी ने भी इसकी शिकायत आयोग से की है। चुनाव दोबारा से होने चाहिए।