Jayant Chaudhary Death Threat : मोदी सरकार में मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी को जान से मारने की सनसनीखेज धमकी मिली है। इस धमकी के बाद दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक हड़कंप मच गया है।
मेरठ : राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया और भारत सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी उनके निजी मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर भेजी गई है, जिसमें उनके सरकारी टूर प्रोग्राम के साथ नीचे मैसेज लिखा था कि गोली मार देंगे।
घटना की टाइमलाइन के अनुसार 18 मार्च की सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया और फोन करने वाले ने व्हाट्सएप पर भेजे गए कागजात देखने को कहा। जब व्हाट्सएप चेक किया गया तो वहां जयंत चौधरी का आधिकारिक दौरा कार्यक्रम भेजा गया था जिस पर पेन से स्पष्ट रूप से इनको गोली मार दो लिखा था।
आरोपी ने केवल संदेश ही नहीं बल्कि वॉयस मैसेज भेजकर MP5 जैसे घातक ऑटोमैटिक हथियार से हमला करने की बात भी कही। धमकी देने वाले ने मंत्री की करंट लोकेशन और वॉयस नोट्स भी भेजे जिससे यह साफ हो गया कि वह उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहा है।
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में इस धमकी भरे कारनामे के पीछे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी इस्माइल की पहचान हुई है। जब इस नंबर पर दोबारा संपर्क किया गया तो उसने दावा किया कि मंत्री का यह गोपनीय टूर प्रोग्राम उसे ऊपर से भेजा गया है जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। इस सूचना के बाद से रालोद नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामाशीष राय ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती और समाज में असुरक्षा पैदा करने वाली हरकत बताया है। वहीं व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने इसे कायराना हमला करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कानूनी कार्रवाई के तहत नई दिल्ली के तुगलक रोड थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को सभी डिजिटल सबूत जैसे कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट सौंप दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं।
खुफिया एजेंसियां विशेष रूप से इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि केंद्रीय मंत्री का गोपनीय टूर प्रोग्राम एक आम नागरिक तक कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या संगठन शामिल है। इस पूरे प्रकरण में दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम पश्चिम बंगाल पुलिस के संपर्क में है ताकि मुर्शिदाबाद में आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।