पेटीएम के एमडी पर केस दर्ज करने के आदेश मुकदमें की कॉपी कंकर खेड़ा थाने भी पहुंचाई व्यापारी के 2 लाख 55 हजार 225 रुपये नहीं पहुंचे खाते में
नोएडा। कैशलेस इंडिया ( cashless India ) को बढ़ावा देने में पेटीएम का बड़ा हाथ है, लेकिन उसी पेटीएम के एक अधिकारी पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। जी हां, पेटीएम के एमडी विजय शेखर शर्मा पर ये कार्रवाई की जा रही है। दरअसल मामला मेरठ का है जहां, पेटीएम खाते से फर्म के खाते में पेमेंट ट्रांसफर न होने के शिकायती प्रार्थनापत्र पर पेटीएम कंपनी के निदेशक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबित मेरठ कंकरखेड़ा निवासी विशाल सिरोही गैजेट की दुकान करते हैं। उन्होंने बताय कि कुछ दिन पहले उनके पास एक व्यक्ति पहुंचा। खुद को पेटीएम कर्मचारी बताते हुए उसने विशाल का एक मर्चेंट पेटीएम खाता खोल दिया। कमर्चारी ने बताया कि प्रधानमंत्री कैशलेश योजना के तहत खाता खोला गया है। इसलिए अब वह अपना लेन देन पेटीएम के इसी खाते से करे। जिसके बाद से व्यापारी पेटीएम से ही लेन देन शुरू कर दिया।
विशाल ने बताया कि इसी के तहत उसने फरवारी में 2 लाख 55 हजार 225 रुपये का व्यापार किया जो पेटीएम के खाते में पहुंच गया। लेकिन यह पेमेंट आज तक उसकी फर्म के खाते में नहीं आया। विशाल ने कई बार पेटीएम में इसकी शिकायत की। लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आ रहा था। इस बीच 23 फरवरी 2019 को एक व्यक्ति उसके पास आया और धमकी दी कि हम पैसा वापस नहीं करते हैं। इश दौरान दोनों के बीच मारपीट भी हुई। इसके बाद उसने पुलिस में इसकी कंप्लेन की। लेकिन उसे पैसा नहीं लौटाया गया।
इस मामले की शिकायत सीजेएम न्यायालय में की। मामले में धारा 156(3) के तहत कार्रवाई शुरू हुई। जिसमें सुनवाई के बाद सीजेएम स्नेहलता ने थानाध्यक्ष कंकरखेड़ा को आदेश दिया कि पेटीएम के निदेशक विजय शेखर शर्मा सहित अन्य के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच करें। साथ ही मुकदमें की कॉपी कंकर खेड़ा थाने भी पहुंचाई गई।