Earthquake in Meerut मेरठ और आसपास जब सभी लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मना रहे थे उस दौरान देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये भूकंप के झटके मेरठ से लेकर उत्तराखंड और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी महसूस किए गए। भूकंप के झटके लगने पर लोग घरों से बाहर निकल आए और काफी देर तक खुले आसमान के नीचे ही रात गुजारी। चौधरी चरण सिंह विवि में लगे भूकंप मापी यंत्र के मुताबिक इसकी तीव्रता 5ः2 मापी गई है।

Earthquake in Meerut मेरठ और आसपास के इलाकों में देर रात जब सभी लोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मना रहे थे उस दौरान भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5ः2 मापी गई है। भूकंप के झटके मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों में आए हैं। मेरठ से लेकर उत्तराखंड तक भूकंप से धरती डोली है। भूकंप का केंद्र 85 किमी नीचे गहराई में बताया गया है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार के जानमाल के हानि की जानकारी नहीं है। बता दें कि इससे पहले नेपाल और बिहार में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। बिहार और नेपाल में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए है।
मेरठ में भूकंप के झटकों के चलते लोग घरों से बाहर निकल आए और काफी देर तक रात घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे ही काटी। भूकंप आने से लोग सहमे हुए थे। भूकंप के झटकों के चलते लोगों की नींद खुली और लोग घरों से बाहर खुले मैदान की ओर निकल आए। वहीं, जन्माष्टमी मना रहे लोग घबराकर मंदिरों से बाहर निकल आए। लोगों के अनुसार झटका इतना तेज था कि घरों में रखे कूलर, फ्रिज समेत कई सामान देर तक हिलते रहे।
मेरठ में कान्हा के जन्म लेते ही भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके रात में करीब 1ः20 बजे पर महसूस किया गया। लोगों का कहना है कि अचानक एक तेज भूकंप का झटका महसूस हुआ। लोगों ने बताया कि झटका इतनी तेज था कि घरों में रखे कूलर व फ्रिज और अन्य सामान काफी देर तक हिलता रहा। लोगों ने अपने जानकारों और रिश्तेदारों को फोन करने शुरू कर दिए। लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके कुछ देर रहे थे। उसके बाद शांत हो गए। इसकी वजह से लोग काफी देर तक खुले आकाश के नीचे जागते रहे। मेरठ के अलावा उत्तराखंड में भी हल्के झटके महसूस किए गए गए। यह रिक्टर पैमाने पर 3ः8 तीव्रता तीव्रता मापी गई।