आधी रात से ही हरियाणा में बड़े वाहनों की नो एंट्री पेट भरने के लिए ईपीई पर ही खाना बना रहे वाहन चालक
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ/बागपत। दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च ( Farmer Protest )
के बाद हुए लाठी चार्ज और बवाल का असर एनसीआर से सटे राज्यों में भी दिखाई दिया। इसी के मददेनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली में हो रही किसानों की ट्रैक्टर रैली के कारण हरियाणा में वाहनों की एंट्री बैन होने से खेकड़ा के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे ( Eastern Peripheral Expressway ) ईपीई पर दूर तक वाहनों की कतार लग गई। ईपीई पर करीब 20 किमी लंबी वाहनों की लाइनें ( long jam ) लगी हुई हैं। वाहन चालक पेट भरने के लिए वाहन सवार ईपीई पर ही खाना बनाते दिखे।
मंगलवार 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के कारण रविवार आधी रात को हरियाणा में जाने वाले बड़े वाहनों की एंट्री बैन कर दी गई थी। बाद में दिल्ली में हिंसा के बाद सीमा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। हरियाणा के जखोली टोल से लेकर बड़ागांव तक करीब 16 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। पहिया दो दिन से जाम होने के कारण वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ी। पेट भरने के लिए वाहन चालक ईपीई पर ही चूल्हे चढ़ाते हुए देखे गए। वाहन सवारों के लिये रेहड़ी व ठेली वाले भी खाद्य सामग्री बेचने जा रहे है।
इन सबके के बावजूद मंगलवार काे भई किसानाें के ट्रैक्टर दिल्ली की तरफ बढ़ते रहे। रोजाना की अपेक्षा मंगलवार को काफी कम संख्या में वाहन एनएच पर दौड़े। वाहन चालक जयपाल, मोहन, संजय आदि ने बताया कि अब उन्हे ऐसा लगता है कि मंगलवार काे ईपीई ही रात गुजारनी पड़ेगी। संभवत: गुरुवार सुबह ही वाहनों को हरियाणा में एंट्री मिलेगी।