Meerut Police News : मेरठ में महिला सिपाही ने नोएडा के हेड कांस्टेबल पर दुष्कर्म के प्रयास और अपहरण का आरोप लगाया है। हालांकि, सीसीटीवी और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच में मामला पैसों के विवाद की ओर इशारा कर रहा है।
मेरठ : मेरठ के एक थाने में तैनात महिला सिपाही ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में तैनात हेड कांस्टेबल चंद्रकांत के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने अपने सिपाही पति के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच सीओ कैंट नवीना शुक्ला को सौंपी गई है।
शिकायत के अनुसार, शामली निवासी आरोपी चंद्रकांत और पीड़िता की मुलाकात नोएडा में तैनाती के दौरान हुई थी। महिला सिपाही का आरोप है कि आरोपी नोएडा से अपनी ड्यूटी छोड़कर अक्सर मेरठ आता था और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता था।
पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया था और उसे वापस करने के बहाने कंकरखेड़ा बुलाया। वहां एरा गेट के पास आरोपी ने उसे जबरन कार में खींचकर दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर उसका मोबाइल तोड़ दिया।
शोर मचाने पर आरोपी उसकी स्कूटी की चाबी लेकर फरार हो गया। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं।
मेरठ पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो पीड़िता के दावों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के अनुसार, पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें महिला सिपाही आरोपी के साथ अपनी मर्जी से बैठकर जाती दिख रही है। इससे 'जबरन अपहरण' की थ्योरी संदिग्ध नजर आ रही है। जांच में पता चला है कि घटना वाले दिन (21 मार्च) को महिला सिपाही के खाते से आरोपी के खाते में 40 से 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच लंबे समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था, जो इस मामले की मुख्य जड़ हो सकता है।
रेलवे रोड पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वैज्ञानिक साक्ष्यों (Scientific Evidence) के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोपी हेड कांस्टेबल चंद्रकांत को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने महिला सिपाही और उनके पति के बयान दर्ज कर लिए हैं।
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह मामला वास्तव में यौन उत्पीड़न का है या फिर पैसों के विवाद को लेकर लगाए गए आरोप हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।