ट्रेन के केबिन को खाली कराकर यात्री महिलाआें ने करार्इ डिलीवरी
मेरठ। जालंधर से अपने पति के साथ मेरठ आ रही एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। ट्रेन में कोई आकस्मिक चिकित्सा न मिलने पर साथ चल रही महिलाओं ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को मदद की और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। वहीं ट्रेन में बच्ची के जन्म के बाद जब इसकी जानकारी रेलवे के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने रेलवे से बच्ची को गिफ्ट देने की पहल की है।
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गोल्डन टेंपल मेल में हुआ बिटिया का जन्म
मामला गोल्डन टेंपल मेल का है। जिसमें मेरठ के लावड़ निवासी मोहम्मद नौशाद अपनी पत्नी आसिफा के साथ सफर कर रहा था। वह सोमवार की देर रात जालंधर से चला था। पति के साथ यात्रा कर रही आसिफा को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने रेलवे में टिकट कलेक्टर से संपर्क किया। जिस पर टीसी ने आग के स्टेशन पर चिकित्सक उपलब्ध होने की बात कही। प्रसव पीड़ा तेज होने के कारण ट्रेन में आसिफा के साथ सफर कर रही अन्य महिलाओं ने उसे संभाला और अपने साथ लेकर एक केबिन में गई और वहां पर केबिन खाली कराकर उसे लिटा दिया। प्रसव पीड़ा तेज होने के पर आसिफा को वहीं पर डिलीवरी कराई गई।
डिलीवरी में समय बाकी था
नौशाद का कहना था कि उसको चिकित्सक ने बताया था कि अभी डिलीवरी में कुछ दिन और हैं। इसलिए वह अपनी पत्नी को गांव लेकर आ रहा था, लेकिन डिलीवरी समय से पहले हो गई। मां-बेटी दोनों स्वस्थ हैं। नौशाद अपनी बच्ची और पत्नी के साथ मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन पर उतर गया। स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि ट्रेन में जन्मी बच्ची के बारे में उनको जानकारी मिली है। वे डीआरएम को लिखेंगे कि बच्ची को रेलवे की तरफ से कोई उपहार दिया जाए। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि अगर उनकी बात मान ली गई तो नवजात को ट्रेन में पूरी जिंदगी फ्री चलने का अधिकार प्राप्त होगा।