मेरठ

लॉकडाउन के दौरान बेलगाम हुए गोतस्कर, यूपी के इस जिले में बढ़ गई गोकशी

Highlights मेरठ में लॉकडाउन के दौरान गोकशी की घटनाएं बढ़ीं ग्रामीण क्षेत्रों के पशुओं को निशाना बना रहे गोतस्कर पुलिस ने बड़े नेटवर्क के चार गोतस्कर गिरफ्तार किए  

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Apr 28, 2020
meerut

केस 1- मेरठ के परतापुर क्षेत्र में शनिवार को कांशी गांव निवासी नूर मोहम्मद के खेत में भूसे से भरी ट्रैक्टर-ट्राली की आड़ लेकर गोकशी की गई। घटना के वक्त आसपास के खेतों में लोग काम कर रहे थे। आभास होने पर किसान व अन्य लोग घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन तब तक गोकश ट्रैक्टर-ट्राली व बाइक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने अवशेष जमीन में दबवा दिए।

केस 2- शनिवार की देर रात जनपद के जैनपुर से चोरी हुई हरीचंद की गाय के अवशेष गूमी ततीना मार्ग पर मिले। पुलिस ने गाय की पहचान करवाने के बाद उसके अवशेष जमीन में दबवा दिए। इसमें हरीचंद की पत्नी ने अज्ञातों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।

केस 3- तीन दिन पहले ब्रह्मपुरी पुलिस ने बिजली बंबा बाईपास पर छोटा हाथी वाहन से दो गाय व दो बछड़े बरामद किए। साथ ही दो लोग पकड़े। इनका एक साथी भागने में सफल रहा। ये तीनों लोग गोकशी के लिए इन पशुओं को ले जा रहे थे।

केस 4- लिसाड़ी गेट में फतेहउल्लापुर के तालाब के किनारे गोवंश के अवशेष मिलने पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि किसी ने माहौल बिगाडऩे को अवशेष तालाब के किनारे डाले हैं। पुलिस ने अवशेष का नमूना लेकर जमीन में दबा दिए हैं। अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मेरठ। कोरोना वायरस संक्रमण से लॉकडाउन के कारण आम जीवन जब ठप हो गया है तो कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान ऐसे अपराध ज्यादा सामने आ रहे हैं जो सामान्य दिनों में कम होते हैं। ये चारों केस लॉकडाउन के दौरान 24 घंटे के अंतराल के हैं। लॉकडाउन के बाद जनपद में गोतस्करी की घटनाओं में तेजी आ गई है। पिछले सात दिन में गोकशी व गोतस्करी की आठ घटनाएं सामने आयी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के जंगलों में रात के समय गोतस्कर सक्रिय हैं। इससे लोगों में काफी गुस्सा है, उन्होंने गोतस्करों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गोतस्कर सक्रिय

लॉकडाउन के दौरान गोकश और गोतस्कर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। यहां से बेसहारा पशुओं को पकड़कर डेयरियों में लाकर छिपाया जा रहा है। उसके बाद कटान करने वालों से मोटी रकम लेकर उन्हें बेच दिया जाता है। यह धंधा काफी दिनों से चल रहा है, लॉकडाउन के दौरान तस्करों पर निगरानी कम होने की वजह से गोकशी की घटनाएं बढ़ गई। माना जा रहा है कि सौ से अधिक बेसहारा पशु पिछले एक महीने में इसी तरह बेचे जा चुके हैं।

डेयरियों को छिपाकर रखते है

परतापुर के कांशी गांव में मिले गोवंश की घटना के बाद एसएसपी अजय साहनी ने सीओ ब्रह्मपुरी के नेतृत्व में तीन थानों की टीम गठित की। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में तीन डेयरियां संचालित की जा रही है, जिनमें बेसहारा पशुओं को छिपाया जाता है। पुलिस ने तीनों डेयरियों पर एक साथ छापेमारी की और वहां से बारह से अधिक बेसहारा पशु बरामद किए। चार लोगों को हिरासत में ले लिया और परतापुर थाने ले गई। उनकी निशानदेही पर अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इन्होंने कई जनपदों में पशुओं की सप्लाई की बात स्वीकारी है। पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि गोतस्करी और गोकशी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बक्शा जाएगा। इनकी तलाश की जा रही है।

Published on:
28 Apr 2020 03:46 pm
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