सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं थम रहे तीन तलाक
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया हो लेकिन आज भी देश में मुस्लिम महिलाओं को इस दंश से जूझना पड़ रहा है। जिसके खात्मे के लिए मोदी सरकार ने एक बिल के रूप में कानून बनाने की पहल की है। लेकिन अब भी तीन तलाक की कुप्रथा बदस्तूर जारी है। ताजा मामला मेरठ का है जहां एक महिला को उसके पति ने डाक से तीन तलाक लिख कर भेज दिया।
तीन तलाक पर बिल पास होने के बाद भी ट्रपल तलाक के मामले कम नहीं हुए है बल्कि इन मामलों में तेज़ी से इजाफा हुआ है। मेरठ में ही महज 24 घंटो के अंदर अंदर दो तलाक के मामले सामने आए है। इन मामलो में पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक भी तलाक देने वाले शौहरो पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसके बाद पीड़िता एसपी क्राइम के पास एक अपने परिवार के साथ पहुंची, और बताया उसको डांक से उसके शौहर ने तलाक भेजा है।
मामले में पीड़ित सीमा के पिता ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी बेटी की शादी हैसियत के हिसाब से जयपुर के रहने वाले इमरान से की थी। शादी के बाद से इमरान मेरठ में ही रहने लगा था और यहीं कारोबार कर रहा है। लेकिन दो बच्चे होने के बाद से इमरान ने दहेज में दो लाख रूपये और अन्य समान की डिमांड करनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर ही इमरान ने सीमा को अपने घर से भगा दिया। सीमा ने परिवार को आपबीती सुनाई तो परिवार ने भी विरोध किया। लेकिन इमरान ने पूरे परिवार की जमकर पिटाई कर डाली जिसमे सीमा सहित उसकी बहन और मां गभीर रुप से घायल हो गई। इस गम को तो परिवार सहन कर गया लेकिन जैसे ही सीमा के घर डाक के माध्यम से तलाक का नोटिस पहुंचा तो परिवार के पैरो तले से जमीन खिसक गई। जिसके बाद पीड़िता परिवार के साथ एसपी क्राइम से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई।
एसपी क्राइम शिवराम यादव के यहां पहुंची पीड़िता के मुताबिक उसके पति इमरान ने न केवल डाक से तलाक भेजा है, बल्कि दहेज मांगने का विरोध करने पर जमकर मारपीट भी है। पीड़िता का कहना है कि उसका पति इतना हैवान है कि उसने पत्नी सीमा के अलावा उसकी बहन, मां-बाप के साथ भी मारपीट की और इसके बाद इमरान फरार हो गया।
उधर मामले को संज्ञान में आते ही एसपी क्राइम ने तत्काल महिला थाना को जांच के बाद कार्रवाई करने के आदेश दे दिए है। अब देखना होगा पुलिस कब तक आरोपी को गिरफ्तार करती है और पीड़ित परिवार को कब तक इंसाफ मिल पाता है। आपको बता दें कि मेरठ के ही थाना खरखौदा में एख दिन पहले भई एक तलाक का मामला सामने आया था, लेकिन उसमे पुलिस कुछ कर पाए, उससे पहले ही दूसरा मामला फिर प्रकाश में आ गया।