
Gopal Das Neeraj
लखनऊ. हिंदी के प्रसिद्ध गीतकार-कवि व इटावा में जन्मे गोपाल दास नीरज का 94 साल की उम्र में आज गुरुवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है। जिससे सिनेमा व राजनीति जगत में शोक की लहर छा गई है। सीएम योगी अदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
दिल्ली के एम्स में हुआ निधन-
गोपाल दास नीरज की तबीयत मंगलवार को ही खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें आगरा के लोटस अस्पतान में भर्ती कराया गया था, लेकिन तबीयत अधिक बिगड़ जाने की वजह से उन्हें दिल्ली के एम्स में शिफ्ट किया गया था, जहां उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
सीएम योगी ने जताया दुख -
सीएम योगी ने भी प्रसिद्ध कवि और गीतकार के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने गोपाल दास की आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा कि कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध रचनाओं और गीतों को अनंत समय तक भुलाया न जा सकेगा।
2007 में मिला पद्मभूषण अवॉर्ड-
गोपाल दास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1925 को इटावा जिले के पुरवली गांव में हुआ था। वह हिंदी मंचों के प्रसिद्ध कवि थे। इसी के साथ सिनेमा जगत में भी उनका बड़ा योगदान है। वे फिल्मों में कई सुपरहिट गाने लिख चुके है। कवि गोपालदास नीरज को उनकी लेखनी के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। इसके लिए गोपालदास नीरज को बॉलीवुड का सबसे बड़ा अवॉर्ड फिल्म फेयर तीन बार मिल चुका है। 1991 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। तो वहीं 2007 में उन्हें पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया था। यही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें यश भारती अवार्ड से भी सम्मानित किया थी। फिल्म 'जोकर' का गीत 'ए भाई जरा देख कर चलो' के अलावा 'लिखे जो खत तुझे..' 'आज मदहोश हुआ जाए रे..', 'हां, मैंने कसम ली...', 'बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं...' जैसे गीत नीरज ने लिखे जो आज भी काफी लोकप्रिय हैं।
Updated on:
19 Jul 2018, 9:54 PM IST
Published on:
19 Jul 2018, 8:59 PM IST
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