मेरठ

विद्युत विभाग के इस काम में अगर दी दखल तो छह माह तक नहीं मिल सकेगी जमानत

विद्युत विभाग अधिकारियों ने शासन को लिखा पत्र,जल्द मिल सकती है अनुमति

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Jul 10, 2018
विद्युत विभाग के इस काम में अगर दी दखल तो छह माह तक नहीं मिल सकेगी जमानत

मेरठ।विद्युत निगम कर्मचारियों से चेकिंग के दौरान मारपीट करने वालों और उनके साथ बदसलूकी करने वालों को अब इसलिए महंगा पड़ सकता है।क्योंकि विद्युत निगम के आला अधिकारियों द्वारा शासन को ऐसे लोगों के खिलाफ रासुका लगाए जाने के लिए खत लिखा गया है।विद्युत निगम के इस खत पर पुलिस विभाग द्वारा भी लगभग मुहर लग चुकी है।और अब केवल शासनादेश आने का इंतजार है।

विद्युत विभाग अधिकारियों ने शासन को लिखा यह पत्र

विद्युत विभाग के आला अधिकारियों द्वारा शासन को एक पत्र लिखा गया है।इसमें बिजली चेकिंग,मीटर रीडिंग आदि काम करते समय बिजली विभाग के कर्मचारियों से बदसलूकी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।इसमें साफ तौर पर ऐसे लोगों के खिलाफ रासुका में मुकदमा दर्ज किए जाने की अनुमति दिए जाने का मांग की है। इसकी वजह पिछले दिनों बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई बदसलूकी ओर मारपीट होना है।जिसके बाद विभाग ने अब यह योजना बनाई है।वहीं विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार पत्र पर लगभग पुलिस विभाग द्वारा मोहर लग चुकी है।अब केवल शासन के आदेश आने का इंतजार है।जिसके बाद से विद्युत निगम के कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ सुरक्षा कानून के तहत तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जिसके बाद ऐसे लोगों की जमानत 6 महीने से पहले नहीं हो सकेगी।

मीटर चेकिंग या चोरी पकड़ने जाने की मारपीट तो होगी कार्रवार्इ

इस पूरे मामले में विद्युत निगम के अभियंता एके चौधरी ने बताया कि हाल में ही जनपद में कई ऐसे मामले सामने आए हैं।जहां पर मीटर चेकिंग या अन्य विद्युत की चेकिंग करने गए कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की गई है।उन्होंने कहा कि उनका विभाग उपभोक्ताओं को पूरी सुविधा देने का प्रयास करता है।लेकिन उसके बावजूद भी कुछ उपभोक्ता बिजली चोरी में संलिप्त पाए जाते हैं।जिनकी चेकिंग करने गए विद्युत कर्मियों के साथ उनके द्वारा मारपीट की जाती है।इसलिए लगातार बढ़ती ऐसे मामलों के बाद अब विभाग द्वारा ऐसे लोगों को रासुका के निरुद्ध मुकदमा दर्ज कराए जाने पर विचार किया गया है।जिसके लिए शासन को भी पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही शासन द्वारा इस पर मोहर लगा दी जाएगी।जिसके बाद से निश्चित तौर पर ऐसे मामलों में कमी आएगी।

Published on:
10 Jul 2018 06:22 pm
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