कल्लू जल्लाद के बेटे पवन जल्लाद की पत्नी आैर दोनों बेटियों की हालत गंभीर
मेरठ। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी देने वाले चर्चित कल्लू जल्लाद का पुश्तैनी मकान बुधवार की देर शाम बारिश में भरभरा का गिर गया। जिसमें कल्लू जल्लाद के लड़के पवन जल्लाद की पत्नी और उसकी दो बेटी समेत तीन लोग दब गए। मोहल्ले के लोगों ने तीनों को समय से पहले मलबे से बाहर निकाल लिया। तीनों गंभीर है जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दो की हालत गंभीर बनी हुर्इ
ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बुधवार की देर शाम कल्लू जल्लाद का पुश्तैनी मकान बारिश के चलते भरभरा कर गिर गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। क्षेत्रवासियों ने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। भगवतपुरा में कल्लू जल्लाद का पुश्तैनी मकान है। कल्लू की मौत के बाद मकान में कल्लू के पुत्र का परिवार रहता हैं। कल्लू का पुत्र पवन भी मेरठ जिला कारागार में जल्लाद के पद पर तैनात है। बताया जाता है कि बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शाम को पवन का जर्जर हो चुका मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। घटना के बाद क्षेत्र में कोहराम मच गया।
क्षेत्र के लोगों ने मलबे से निकाला
मलबे के नीचे दबे परिजनों की चीख-पुकार सुनकर क्षेत्र के निवासी मदद के लिए दौड़ लिए। क्षेत्र के निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे के नीचे दबी पवन की पत्नी बबली, बेटी वन्दना, अमन, वासू और भांजे साहिल को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इसके बावजूद फायर बिग्रेड या किसी आलाधिकारी के घटनास्थल पर न पहुंचने को लेकर क्षेत्र के निवासियों में रोष रहा। उधर, बबली व वन्दना की हालत गंभीर बताई गई है।
कौन है कल्लू जल्लाद
कल्लू जल्लाद ने रंगा-बिल्ला को फांसी पर चढ़ाया था। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और केहर सिंह को फांसी पर कल्लू ने ही लटकाया था। इसके बाद कल्लू को भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई गई थी। कुुछ वर्षों के बाद कल्लू की मृत्यु हो गई थी और उनके पुत्र पवन जल्लाद को मेरठ में जल्लाद के पद पर तैनाती दे दी गई थी। पवन देश की इकलौती जल्लाद फैमिली से है, जहां यह काम पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता चला आ रहा है। परदादा मम्मू जल्लाद से लेकर पोते पवन जल्लाद तक ने इस पेशे को अब तक कायम रखा है।
नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
पवन का पुश्तैनी मकान गिरने और उसके परिजनों के उसमें घायल होने की सूचना के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे उसके परिवार में रोष है।