मेरठ

कपसाड़ कांड: ‘मैं घर जाऊंगी…’ रूबी की एक जिद, पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में परिजनों को सौंपा; जानें अब तक का अपडेट

Meerut News: यूपी के मेरठ के कपसाड़ हत्या-अपहरण कांड में दो दिन की काउंसिलिंग के बाद अपहृत युवती रूबी ने घर जाने की इच्छा जताई। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उसे परिजनों के सुपुर्द किया। घर पहुंचते ही रूबी मां का नाम लेते हुए भावुक हो गई, जबकि गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी लगाए गए हैं।

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Jan 13, 2026
पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में परिजनों को सौंपा...

Kapsad Kand Rubi Meerut: मेरठ के चर्चित कपसाड़ हत्या और अपहरण कांड में दो दिन की लगातार काउंसिलिंग के बाद अपहृत युवती रूबी ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब अपने घर जाना चाहती है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र में चल रही काउंसिलिंग के दौरान रूबी की इस इच्छा के सामने आते ही पुलिस ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और परिजनों को बुलाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की।

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परिजनों से मुलाकात

सोमवार को पुलिस ने रूबी के पिता सतेंद्र, भाई नरसी कुमार सहित अन्य परिजनों को आशा ज्योति केंद्र बुलाया। करीब ढाई घंटे तक आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इस दौरान रूबी भावुक हो गई और परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारी लगातार मौजूद रहे ताकि माहौल शांत और संतुलित बना रहे।

सहमति के बाद गांव ले जाने का फैसला

रूबी और परिजनों की सहमति के बाद पुलिस ने निर्णय लिया कि उसे कड़ी सुरक्षा के बीच गांव ले जाया जाएगा। सोमवार शाम पुलिस फोर्स के साथ रूबी और उसके परिजन आशा ज्योति केंद्र से रवाना हुए। रात करीब आठ बजे काफिला कपसाड़ गांव पहुंचा, जहां पहले से ही पुलिस बल तैनात था।

ग्रामीणों से दूर रखकर परिवार को सौंपी गई रूबी

गांव पहुंचते ही रूबी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा होने लगे, लेकिन पुलिस ने किसी को भी घर के आसपास नहीं आने दिया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने गांववालों की मौजूदगी में रूबी को औपचारिक रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

मां का नाम लेते-लेते टूट गई रूबी

घर पहुंचते ही रूबी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकी। मां को याद कर वह बार-बार भाइयों से लिपटकर रोती रही। परिजनों के मुताबिक रास्ते भर उसके होंठों से सिर्फ मां का नाम ही निकलता रहा। पांचवें दिन घर लौटी रूबी भाई नरसी, मनदीप और शिवम के कंधे पर सिर रखकर बेसुध हो गई।

घर के बाहर उमड़ी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा

सोमवार रात रूबी के घर लौटने की खबर फैलते ही गांव में हलचल मच गई। उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। हालात को देखते हुए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया।

सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह से बचने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। गांव में पांच स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कई जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। भाई नरसी, बुआ सर्वेश देवी और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की।

आशा ज्योति केंद्र पर दिन-रात रहा पहरा

काउंसिलिंग और परिजनों की मुलाकात के दौरान आशा ज्योति केंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ कैंट नवीना शुक्ला, सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और सीओ सरधना आशुतोष कुमार के साथ कई थानों की फोर्स मौजूद रही, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

कंबल में लिपटी, महिला पुलिस की घेराबंदी में रवाना

सोमवार शाम जब रूबी को परिजनों के साथ भेजा गया, तो वह पूरी तरह कंबल में लिपटी हुई थी। महिला पुलिसकर्मियों की कड़ी घेराबंदी के बीच उसे सफेद रंग की कार तक ले जाया गया। कार में रूबी के साथ परिजन और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहीं। कुल छह वाहनों में सवार पुलिस बल काफिले के साथ गांव तक पहुंचा।

क्या है पूरा मामला?

कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में तनाव फैल गया था। पारस सोम इस मामले का मुख्य आरोपी है, जिसे पुलिस ने लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था और रूबी को सकुशल बरामद किया गया।

मेडिकल और कोर्ट की प्रक्रिया पूरी

रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की अदालत पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद उसे काउंसिलिंग के लिए आशा ज्योति केंद्र भेजा गया था।

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