मेरठ के मवाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली NCERT किताबों के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 11,000 नकली किताबें बरामद की गईं।
Meerut Crime News: उत्तर प्रदेश के मवाना इलाके में पुलिस ने एक बड़े धंधे को पकड़ा है। तीन शातिर आरोपियों को भारी मात्रा में नकली NCERT किताबों के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह किताबें क्लास 1 से 12 तक की थीं, जो छात्रों के लिए बहुत जरूरी होती हैं। मवाना के CO पंकज लवानिया ने इस पूरे मामले की जानकारी दी है।
20 मार्च 2026 को बवाना पुलिस कुड़ी कमालपुर नहर पुल पर सामान्य वाहन चेकिंग कर रही थी। रूटीन चेकिंग के दौरान दो गाड़ियां संदिग्ध लगीं। एक वैगनआर और एक टाटा एस गाड़ी को रोका गया। इन गाड़ियों में तीन लोग सवार थे – राहुल यादव, दूसरा राहुल और बाबर। पुलिस ने उनसे गाड़ी में रखे सामान के बारे में पूछताछ की। शुरू में वे कुछ और बताने की कोशिश करते रहे, लेकिन बाद में उन्होंने कबूल कर लिया कि वे क्लास 1 से 12 तक की नकली NCERT किताबें ले जा रहे थे। पुलिस ने तुरंत तीनों को हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ शुरू की।
आरोपियों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने और छापेमारी की। मटोरा गांव और राजू के बाड़े नाम की जगह पर सर्च किया गया। वहां से लगभग 11,000 नकली किताबें बरामद हुईं। ये किताबें बाहर से देखने में बिल्कुल असली NCERT किताबों जैसी लगती थीं, लेकिन अंदर से नकली थीं। पुलिस ने NCERT के विशेषज्ञों को भी इसकी सूचना दी। विशेषज्ञों ने जांच की और पुष्टि की कि ये किताबें पूरी तरह नकली हैं। इसके बाद आरोपियों को बरामद किताबों के साथ पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
बरामद की गई इन 11,000 नकली किताबों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है। इतनी बड़ी संख्या में नकली किताबें बाजार में पहुंच जातीं तो बहुत से छात्रों और अभिभावकों को ठगा जा सकता था। असली किताबों की जगह नकली किताबें पढ़ने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अभी जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई चल रही है। CO पंकज लवानिया ने कहा है कि ऐसे धंधेबाजों पर सख्ती से नकेल कसी जाएगी ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।