
Husband Kills Wife Meerut: मेरठ के कमालपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात के बाद शमीना की बेटियां टूट चुकी हैं, लेकिन उनके शब्दों में इंसाफ की मजबूत मांग गूंज रही है। छह बच्चों की मां, 40 वर्षीय शमीना की 26 जनवरी की रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
आरोप है कि उसके पति वकील ने शक के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। बेटियों का कहना है कि उनकी मां ने 20 साल के निकाह में परिवार और बच्चों के लिए खुद को समर्पित रखा, लेकिन लगातार लगाए गए आरोपों और मानसिक प्रताड़ना ने आखिरकार उनकी जिंदगी छीन ली।
मेडिकल थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर में सोमवार देर रात जब लोग सो रहे थे, तभी यह खौफनाक घटना हुई। शमीना पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया गया। चीख-पुकार और अफरातफरी के बीच ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई।
पुलिस के अनुसार, शमीना और उसके पति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। करीब एक साल से शमीना अपने बच्चों के साथ अलग रह रही थीं और परिवार की जिम्मेदारी खुद उठा रही थीं। वह गढ़ रोड स्थित एक फैमिली हॉस्पिटल में वार्ड आया के रूप में काम करती थीं, जबकि पति वकील ट्रक चालक है। आर्थिक संघर्ष के बीच शमीना ने बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों को प्राथमिकता दी।
शमीना और वकील के छह बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी, 18 वर्षीय खुशी, सिलाई का काम कर परिवार की मदद करती है। छोटे बच्चे मां की कमी को महसूस कर बार-बार रो पड़ते हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि शमीना ही परिवार की रीढ़ थी, जो हर मुश्किल में बच्चों के साथ खड़ी रहती थी।
27 जनवरी को शमीना का दफीना किया गया। सभी रस्में उसके बच्चों और मायकेवालों ने निभाईं। घर में सन्नाटा पसरा है, दीवारों पर गूंजती बेटियों की सिसकियां हर किसी का दिल तोड़ देती हैं। बड़ी बेटी खुशी का कहना है कि उनकी मां ने हमेशा पिता का साथ दिया, लेकिन बाहरी लोगों की बातों में आकर उन्होंने मां पर शक किया और यह खौफनाक कदम उठा लिया।
शमीना के भाई शमीम की तहरीर पर मेडिकल थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस की दो टीमों ने तलाश कर मंगलवार शाम को वकील को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर शक को ही हत्या की वजह बताया है।
बेटियों का कहना है कि वे चाहती हैं कि कानून इस मामले में सबसे सख्त फैसला सुनाए। उनका मानना है कि मां की हत्या ने उनके बचपन, सपनों और भविष्य को छीन लिया है। अब उनकी एक ही मांग है, ऐसा फैसला जो समाज को यह संदेश दे कि शक और हिंसा की कोई जगह नहीं, और अपराध की सजा निश्चित है।