मेरठ

Meerut Muskan Sahil Case Update: 3 मार्च से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? नीले ड्रम वाली मुस्कान केस की पूरी Timeline

Meerut Blue Drum Murder Case: सौरभ राजपूत फरवरी 2025 के अंत में विदेश से मेरठ लौटे थे। वे पत्नी मुस्कान और बेटी के साथ ब्रह्मपुरी/इंद्रानगर इलाके में रह रहे थे। अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की दवा मिलाई।
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Sep 30, 2026
Meerut Muskan Sahil Case Update
नीले ड्रम वाली मुस्कान-साहिल दोषी करार | Photo Video Grab

Meerut Muskan Sahil Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार 30 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी और इसके बाद शव छिपाया था। अदालत ने सजा का ऐलान 15 दिन बाद करने का फैसला लिया है।

हत्या की घटना: 3 मार्च 2025

3 मार्च 2025 की रात मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या हुई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की दवा मिलाई। बेहोश होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया। दोनों ने चाकू और उस्तरा से सौरभ पर हमला किया। हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट तथा रेत भरे नीले प्लास्टिक ड्रम में सील कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, हत्या सुनियोजित थी और चाकू, ड्रम, सीमेंट जैसी चीजें पहले से खरीदी गई थीं।

हत्या के बाद की घटनाएं

4 मार्च को मुस्कान ने अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला और हिमाचल प्रदेश चली गईं। सौरभ के फोन से परिवार को संदेश भेजकर यह भ्रम बनाए रखा गया कि वह जीवित है। 17 मार्च को दोनों मेरठ लौटे। मुस्कान ने परिवार को घटना बताई, मजदूरों द्वारा ड्रम हिलाने पर बदबू आने से मामला सामने आया। पुलिस ने घर से नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए।

गिरफ्तारी और केस दर्ज

18-19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 17 मार्च को ही केस अदालत पहुंचा। सौरभ के भाई बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में FIR दर्ज कराई थी। दोनों तब से जेल में बंद हैं।

ट्रायल की प्रक्रिया

जुलाई 2025 से जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। करीब 13 महीने तक सुनवाई चली। कुल 126 पेशियां हुईं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। परिवार के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों सहित सभी गवाहों ने मुस्कान और साहिल को हत्यारा बताया। अप्रैल 2026 में दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। मुस्कान अपनी नवजात बेटी के साथ अदालत पहुंची थीं। आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया था।

अंतिम बहस और फैसला

17 सितंबर 2026 को अंतिम बहस पूरी हुई। अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की। 30 सितंबर को अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की और शव छिपाया। अब 15 दिन बाद सजा का ऐलान किया जाएगा। सजा में मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान हो सकता है।

परिवार और वर्तमान स्थिति

सौरभ के परिवार ने लंबे समय से दोनों को कठोर सजा देने की मांग की है। फैसले से पहले दोनों जेल में तनाव में बताए गए थे। मुस्कान पूजा-पाठ कर रही थीं, जबकि साहिल चुप और गुमसुम नजर आए। अदालत परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

यह मामला प्रेम-त्रिकोण, सुनियोजित हत्या और शव छिपाने के क्रूर तरीके के कारण देशभर में चर्चा में रहा। 545 दिनों की कानूनी प्रक्रिया के बाद दोषसिद्धि का फैसला आया है। अब सजा के ऐलान का इंतजार है, जो इस सनसनीखेज केस का अंतिम अध्याय साबित होगा। सौरभ के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, जबकि आरोपी दोनों अपनी सजा का सामना करने वाले हैं।

Updated on:
30 Sept 2026 05:30 pm
Published on:
30 Sept 2026 05:30 pm