मेरठ

Meerut: मुस्लिम बेटियाें ने इस विषय में अपना करियर बनाने की सोच तोड़ीं समाज की बंदिशें

Highlights इस्माइल डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं कई मुस्लिम छात्राएं संस्‍कृत में पीजी करके बनाना चाहती हैं अपना करियर माता-पिता ने भी की उनकी हौसला अफजाई

less than 1 minute read
Sep 13, 2019
meerut.jpg

मेरठ। अब मुस्लिम बेटियां भी समाज की बे‍ड़ि‍यों को तोड़कर संस्‍कृत की तरफ कदम बढ़ा रही हैं। संस्‍कृत भाषा के जरिए वे अपना भविष्‍य संवारने की आरे आगे बढ़ रही हैं। उत्‍तर प्रदेश के मेरठ जनपद की कुछ मुस्लिम बेटियों ने संस्‍कृत भाषा में अपना करियर बनाने का सपना देखा है।

परिवार भी कर रहे सहयोग

हम बात कर रहे हैं मेरठ के इस्माइल डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहीं मुस्लिम युवतियों की। इसमें उनके परिवार भी उनका सहयोग कर रहे हैं। इस्माइल डिग्री कॉलेज से फर्स्‍ट ईयर में पढ़ने वाली मुस्लिम छात्राओं का कहना है क‍ि वे संस्‍कृत में पीजी करके इसे अपना करियर बनाना चाहती हैं। वे इसमें अपना भविष्‍य देख रही हैं। शुरू में जब उनका मन संस्‍कृत भाषा की तरफ झुका तो उन्‍होंने इस बारे में अपने माता और पिता को जानकारी दी। इस पर उनके माता-पिता ने उनकी हौसला अफजाई की। इसके बाद उनके सपनों को पंख लग गए। इनमें से किसी ने पॉलिटिकल साइंस और अंग्रेजी के साथ संस्कृत विषय को चुना है तो किसी ने म्यूजिक सोशियोलॉजी के साथ संस्कृत विषय लिया है।

संस्‍कृत को लेकर बढ़ी मुस्लिम छात्राओं में बढ़ी रुचि

इस्माइल डिग्री कॉलेज की संस्कृत की शिक्षिका डॉ. सपना शर्मा ने कहा कि इस बार संस्‍कृत भाषा को लेकर मुस्लिम छात्राओं में ज्‍यादा रुचि दिख रही है। हालांकि, इससे पहले भी उनके यहां से कई मुस्लिम छात्राओं ने संस्‍कृत भाषा को चुना है। उनका कहना है क‍ि मुस्लिम युवतियों का संस्‍कृत की ओर बढ़ते रुझान को देखकर लगता है कि अब सोच पर से पर्दा हटने लगा है।

UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर

Updated on:
13 Sept 2019 02:06 pm
Published on:
13 Sept 2019 02:04 pm