
Meerut News: मेरठ में नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। हापुड़ अड्डा क्षेत्र में एक निर्माण के हिस्से को अवैध बताते हुए निगम की टीम ने उसे ध्वस्त कर दिया। वहीं, दुकान मालिक का आरोप है कि कोर्ट का स्टे होने के बावजूद भी नगर निगम की कार्रवाई नहीं रुकी। घटना के बाद व्यापारी मौके पर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक दुकान का करीब आधा हिस्सा नियमों के खिलाफ बनाया गया था। जांच के बाद निर्माण को अवैध पाया गया, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के तहत की गई और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल पहले से तैनात था।
नगर निगम की कार्रवाई पर दुकान मालिक ने कड़ी आपत्ति जताई। उसका कहना है कि अदालत का स्थगन आदेश था। दुकान मालिक का आरोप है कि उसने अधिकारियों को अदालत का स्थगन आदेश भी दिखाया, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई। उसने नगर निगम अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया और कार्रवाई को गलत बताया।
जैसे ही कार्रवाई की जानकारी आसपास के व्यापारियों को मिली, वे मौके पर पहुंच गए। वहीं, इस पूरे मामले की सूचना मिलने के बाद भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी, प्रवर्तन दल, क्षेत्राधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई से छोटे व्यापारियों में डर का माहौल बनता है। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के हापुड़ अड्डे पर नगर निगम की प्रवर्तन टीम अचानक कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम के साथ क्षेत्राधिकारी और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने बुलडोजर की मदद से जगन छोले-भटूरे की दुकान के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई शुरू होते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।