थाने में इस शादी के एक-एक पल को आप कभी भूल नहीं पाएंगे
मेरठ। खाकी के क्रूर चेहरे वाली धारणा कभी पलट भी जाती है। खाकी का यह मानवीय चेहरा देखने के मिला थाना मवाना में। थाना मवाना पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी की शादी दुष्कर्म पीड़िता से कराकर एक मिसाल कायम की है। दोनों की शादी थाने में हुई और पुलिसकर्मी बाराती और घराती दोनों तरफ से शामिल हुए। वरमाला होने के बाद पुलिस कर्मियों ने लड्डू भी खाए और लड़का और लड़की के परिजनों ने दोनों को अाशीर्वाद दिया। इसके बाद वर और वधू अपने घर को विदा हुए। इस दौरान थाना प्रभारी करतार सिंह ने वर से वचन लिया कि वह कभी लड़की को प्रताड़ित नहीं करेगा।
यह था मामला
मवाना थाने के कस्बा तिगाई निवासी एक युवक पर मोहल्ले की ही एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। आरोपी कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। युवक के जेल से छूटकर आते ही युवती ने फिर से थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी कि युवक उसको समझौते के लिए दबाव डाल रहा है और उसको धमकी दे रहा है। मवाना पुलिस आरोपी के भाई को पकड़कर थाने ले आई। आरोपी युवक पक्ष की महिलाओं ने थाने पर पहुंचकर हंगामा किया और पकड़े गए युवक को निर्दोष बताते हुए छोड़ने की बात की। वहीं, पीड़ित लड़की पक्ष के लोग भी थाने पहुंच गए। दोनों ओर से थाने में आरोप-प्रत्यारोप लगाये जाने लगे।
युवती ने शादी के लिए कर दी 'हां'
इस पर थाना प्रभारी और एसएसआई करतार सिंह ने दोनों पक्षों को बिठाकर समझाया और कहा कि कोर्ट कचहरी के चक्कर में दोनों का ही भविष्य खराब हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्ष आपस में सहमति से एक-दूसरे की शादी कर दे। इससे पहले लड़की से उसकी सहमति जान ले। लड़की पक्ष ने जब लड़की से बात की तो वह शादी के लिए तैयार हो गई। बस फिर क्या था थाने में ही वरमाला मंगाई गई और लड्डू की व्यवस्था के साथ ही पंडित जी को बुलाया गया। जहां थोड़ी देर पहले तक दोनों पक्ष एक-दूसरे को मारने पर उतारू थे, वहीं अब पुलिस के सामने गले मिल रहे थे। थाने में ही आरोप युवक ने पीड़िता के गले में वरमाला डालकर उसको अपनी जीवन संगिनी बनाया और पंडित ने मंत्रोच्चारण किया। इसके बाद शादी की खुशी में सबने मिठाइयां खाई। क्षेत्र में पुलिस का यह मानवीय चेहरा चर्चा का विषय बना हुआ है।