मेरठ

दरोगा की पिटार्इ करने वाले भाजपा पार्षद की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस, अभी तक की जांच में उसके मिले ये कारनामे

पुलिस आरोपी भाजपा पार्षद के रेस्टोरेंट की नए सिरे से जांच कर रही, एसएसपी अखिलेश कुमार ने भी किया दौरा      

2 min read
Oct 22, 2018
meerut
दरोगा की पिटार्इ करने वाले भाजपा पार्षद की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस, अभी तक की जांच में उसके मिले ये कारनामे

मेरठ। मेरठ की मोहिद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह पंवार की पिटार्इ करने वाले वार्ड 40 के भाजपा पार्षद मनीष चौधरी की कुंडली पुलिस ने खंगालनी शुरू कर दी है। भाजपा पार्षद के एेसे कारनामे पुलिस को पता चले हैं, जिसमें उसका आपराधिक इतिहास सामने आ रहा है। दरअसल, यह पहला मौका नहीं है जब उसने किसी पर हाथ उठाया हो, इससे पहले भी उस पर गोली चलाने आैर बलवे तक के आरोप हैं। दरोगा-पार्षद विवाद के बाद पुलिस ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था, जबकि पार्षद के खिलाफ दो मुकदमे होने की वजह से जेल भेजा गया।

आठ साल पहले दर्ज हुआ था पहला मुकदमा

पुलिस अफसरों का मानना था कि दरोगा पर हाथ उठाने वाला भाजपा पार्षद एेसे ही हाथ नहीं उठा सकता, उसका जरूर कोर्इ आपराधिक इतिहास हो सकता है। पुलिस ने भाजपा पार्षद मनीष चौधरी की कुंडली खंगालनी शुरू की, तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। 2010 में भाजपा पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था तो चार साल पहले दूसरा मुकदमा।

रेस्टोरेंट में जाकर की पूछताछ

आरोपी भाजपा पार्षद के एनएच-58 स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में दरोगा व उसकी महिला मित्र के साथ हुए विवाद के बाद पुलिस ने रेस्टाेरेंट पर भी अपनी नजर तिरछी कर ली है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने रेस्टारेंट का दौरा किया आैर कमर्चारियों से पूछताछ की। एसएसपी का कहना है कि दारोगा की पिटाई वाले वीडियो में जो लोग दिख रहे हैं, उनकी भी गिरफ्तारी होगी। उन्हें चिहिन्त कर लिया गया है।

इंस्पेक्टर पर लगा पिटार्इ करने का आरोप

भाजपा पार्षद ने जेल जाने से पहले इंस्पेक्टर नीरज मलिक पर आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर ने उसकी पिटाई की है। एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस ने मेडिकल कराया तो रिपोर्ट में कोई चोट नहीं आई है। इस मामले में भाजपा पार्षद की आेर से कोर्ट में मांग की गई थी कि उसका मेडिकल दोबारा कराया जाए। जिसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिला कारागार के अधिकारी उसका मेडिकल कराए।

प्रापर्टी कब्जे को लेकर मुकदमा

आराेपी भाजपा पार्षद व अन्य के खिलाफ 2010 में प्रापर्टी कब्जे को लेकर कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की बादाम कालोनी निवासी सुरेश जायसवाल ने जानलेवा हमला करना और बलवे की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं मनीष ने भी दूसरे पक्ष के संजीव, अश्वनी, राकेश, कमल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मनीष पर गोली चलाने का आरोप लगा था। करीब चार साल पहले कंकरखेड़ा थाने में भाजपा पार्षद मनीष के खिलाफ पत्नी को गोली मारने का मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे में वह जेल नहीं गया था और पत्नी ने फैसला कर लिया था। जिसके बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी।

Published on:
22 Oct 2018 02:55 pm