
मेरठ : सोशल मीडिया पर रील और वीडियो साझा करने का शौक कभी-कभी भारी पड़ सकता है। मेरठ में सामने आए एक मामले ने इस खतरे को फिर उजागर कर दिया है। यहां एक परिवार द्वारा घर के रिनोवेशन की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना चोरों के लिए मददगार साबित हुआ। उन्हीं वीडियो और रील्स के आधार पर आरोपियों ने घर की पूरी जानकारी जुटाई और फिर लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दे डाला।
मामला शास्त्रीनगर सेक्टर-5 का है, जहां रिटायर्ड बैंककर्मी राजकुमार खुराना के घर 20 जून को चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। चोर मकान में प्रवेश कर नकदी और कीमती जेवरात लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये की नकदी और बड़ी मात्रा में जेवरात बरामद किए गए हैं।
एसपी सिटी विनायक भोसले के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने कुछ समय पहले अपने घर में रिनोवेशन कराया था। इसके बाद घर की बनावट, सजावट और विभिन्न हिस्सों की वीडियो व रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा की गई थी।
यही सामग्री मुख्य आरोपी नजाकत तक पहुंची। वीडियो देखकर उसे घर की संरचना, प्रवेश के रास्तों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का अंदाजा हो गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना तैयार की।
जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। मुख्य आरोपी नजाकत करीब तीन महीने पहले इसी घर में प्लंबर का काम कर चुका था। उस दौरान उसने घर के सदस्यों की दिनचर्या, सुरक्षा व्यवस्था और कीमती सामान रखने की संभावित जगहों पर नजर रखी थी।
जब सोशल मीडिया पर उसे घर की नई वीडियो मिलीं तो पहले से मौजूद जानकारी और मजबूत हो गई। इसके बाद उसने अपने साथी सलीम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मुख्य आरोपी नजाकत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी का कुछ सामान अपने साथी सलीम को दिया था। इसके बाद पुलिस ने सलीम को भी दबोच लिया।
आरोपी की पत्नी अकीला खातून की निशानदेही पर अन्य जेवरात बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कुछ गहने सराफा बाजार में भी बेचे जा चुके थे।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल फरार आरोपी सलमान की तलाश जारी है।
मेरठ की यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है। घर की बनावट, सुरक्षा व्यवस्था, महंगे सामान या पारिवारिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कई बार ऐसी पोस्ट अपराधियों के लिए मुफ्त में उपलब्ध जानकारी बन जाती हैं, जिसका वे गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।