खास बातें- Meerut SSP अजय कुमार साहनी ने जारी की चेतावनी कहा- सड़क पर नमाज पढ़ने से जाम लग जाता है मुस्लिमों ने एसएसपी के आदेश काे बताया गलत
मेरठ। सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर लोगों में काफी बहस चल रही है। इसको लेकर कई हिंदू संगठनों ने तो सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ तक शुरू कर दिया। इस बीच उत्तर प्रदेश के एक जिले में एसएसपी ( SSP ) ने चेतावनी कर सड़क पर नमाज पढ़ने को मना किया है।
दो मस्जिदों को जारी हुए नोटिस
मेरठ के एसएसपी अजय कुमार साहनी ( meerut ssp ) ने चेतावनी जारी की है। इसको लेकर दो मस्जिदों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि अगर जुमे पर सड़क पर नमाज पढ़ी गई तो कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, सड़क पर नमाज पढ़ने से जाम लग जाता है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर नमाज पढ़ने से यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।
जुमे की नमाज को लेकर जारी किया गया आदेश
इस बारे में एसपी सिटी डाॅ. एएन सिंह का कहना है कि यह आदेश ईद और बकरीद के लिए नहीं है। ईद और बकरीद केवल साल में केवल दो दिन ही होती हैं। जुमे की नमाज को लेकर यह आदेश जारी किया गया है। इसको लेकर दो मस्जिदों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 12 अगस्त 2019 को बकरीद ( bakrid ) है। उस दिन सावन का सोमवार भी है। इसको देखते हुए पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। ईदगाह पर पुलिस की कड़ी चौकसी रहेगी। बताया जा रहा है कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी अजय साहनी ने उन धार्मिक स्थलों की सूची तैयार कराई है, जहां-जहां सड़क पर नमाज पढ़ी जाती है।
यह कहा मुस्लिमों ने
वहीं, इस मामले में शहरकाजी जैनुस साजेद्दीन का कहना है कि मुसलमान जिस तरह से सड़क पर नमाज पढ़ते आए हैं, उसी तरह से आगे भी अदा करेंगे। साल में केवल दो बार ही ईद आती है। इसके लिए कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित होता है। इस बार भी ईदगाह पर पहले की तरह नमाज पढ़ी जाएगी। मिल्ली काउंसिल के जिलाध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि कुछ मस्जिदों के बाहर ही जुमे की नामज पढ़ी जाती है। बाकी मस्जिदों के अंदर और छत पर नमाज पड़ी जाती है। एसएसपी का यह फरमान गलत है।