रमजान महीना शुरू होने से ही रोजा रखने की कर रही थी जिद
मेरठ। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में एक किशोरी अपन परिजनों से रोजा रखने की जिद कर रही थी, घर के लोग उससे रोजा रखने को मना कर रहे थे। इससे किशोरी नाराज हो गर्इ आैर फिर उसने कुछ एेसा किया कि सबके हाेश फाख्ता हो गए...
परिवार के लोग समझाते रह गए
अंजुुम पैलेस निवासी अमीरूद्दीन के अनुसार उसकी 14 वर्षीय पुत्री मंगलवार से सानिया रोजा रखने की जिद कर रही थी। परिवार के लोगों ने उसे समझाया कि वह अभी छोटी है और पढ़ार्इ कर रही है। इससे उसकी पढ़ार्इ पर असर पडेगा। वह पहले पढ़ार्इ पूरी कर ले, इसके बाद रोजा रखे। सानिया इसके लिए राजी नहीं थी। परिजनों ने उसको समझाया कि इतनी भीषण गर्मी में रोजा नहीं रख सकेगी। वह अपने परिजनों की बात से सहमत नहीं थी और खाना-पीना बंद कर दिया। परिजनों ने जब उसको खाने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह रोजे से है। इस बात पर उसके परिजनों ने उसे डांटा और कहा कि वह अभी छोटी है और अपना कॅरियर बनाए। इसके बाद वह परिजनों से कुछ नहीं बोली और चुपचाप अपने कमरे में चली गई। किशोरी अपने परिजनों से नाराज हो गई और देर रात उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सुबह परिवार के लोगों ने सानिया का शव फंदे से लटका देखा तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने फंदा काटकर शव को नीचे उतारा।
शव कब्जे में लेने का विरोध
इसी दौरान किसी ने पुलिस को घटना की जानकारी दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। काफी मुश्किल से परिजनों को समझाते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इंस्पेक्टर सतीश राय ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों का कहना है कि उनकी पुत्री जिस दिन से रोजे शुरू हुआ उसी दिन से रोजा रखने की बात कर रही थी, लेकिन वे उसे मना कर रहे थे।