Meerut News: मिर्जापुर की जिम घटना पर यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के बयान से सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने महिला सुरक्षा, जिम में महिला ट्रेनर की अनिवार्यता, रोजगार के अवसर और बुर्का को लेकर सख्त सुझाव दिए, जबकि आयोग ने प्रदेशभर में कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
Commission Gym Jihad Mirzapur: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने मिर्जापुर में सामने आई जिम से जुड़ी घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अब “लव जिहाद” का नाम बदलकर “जिम जिहाद” कर देना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार कई शहरों में ऐसे जिम संचालित हो रहे हैं, जहां कथित तौर पर ट्रेनर नाम बदलकर हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सामाजिक चिंता नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिस पर अब आयोग ठोस और कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बबीता सिंह चौहान ने कहा कि मिर्जापुर के एक जिम में मुस्लिम युवक युवतियों और महिलाओं की वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने और मतांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह जिम केवल फिटनेस बिजनेस के लिए नहीं, बल्कि इसी तरह की गतिविधियों के लिए खोला गया था। आयोग इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने जिमों में महिला ट्रेनर की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि इससे न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि फैशन डिजाइनिंग से जुड़े शोरूम, टेलर की दुकानें और बुटीक में महिला स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि महिलाओं को काम का सुरक्षित माहौल मिल सके और ग्राहक भी अधिक सहज महसूस करें। आयोग इस दिशा में संबंधित विभागों से समन्वय कर नीति तैयार करने पर विचार कर रहा है।
इस दौरान बबीता सिंह चौहान ने ‘गोदान’ फिल्म का पोस्टर भी जारी किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में सनातन धर्म में गाय के महत्व के साथ-साथ गाय के घी, गोबर और मूत्र से जुड़े वैज्ञानिक लाभों पर चर्चा की गई है। कार्यक्रम में फिल्म के निर्देशक विनोद कुमार चौधरी और अमित प्रजापति भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि समाज में सांस्कृतिक और वैचारिक जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसी फिल्मों की भूमिका अहम है।
बुर्का को लेकर भी महिला आयोग की अध्यक्ष ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बुर्का मुस्लिम समुदाय का पहनावा है, लेकिन जहां इसकी आवश्यकता नहीं है, वहां इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने हाल की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक व्यक्ति ने बुर्का पहनकर बच्ची से अश्लील हरकत की थी और बाद में उसकी पहचान उजागर हुई। उन्होंने बताया कि कई ज्वेलरी दुकानों ने सुरक्षा के लिहाज से बाहर बोर्ड लगा दिए हैं कि “बुर्का पहनकर दुकान में प्रवेश न करें।”
महिला आयोग का कहना है कि मिर्जापुर की घटना ने पूरे प्रदेश में जिम और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आयोग जल्द ही राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा, ताकि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में महिलाओं को किसी भी तरह के शोषण या धोखे से बचाया जा सके।