किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने पर बागपत में गांव वालों ने लगाया चेतावनी बोर्ड
बागपत। 2019 का चुनाव नजदिक आ रहा है और देश में चुनावी हलचल तेज हो गई है। हालाकि उससे पहले पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। जिसमें बीजेपी जहां क बार फिर अपने गढ़ को बचाने में लगी है। वहीं विपक्षी पार्टियां इस बार बीजेपी के विजय रथ को रोकने में लगी हैं। एक ओर विपक्षी दल बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी करने में लगी हैं उधर उत्तर प्रदेश में भी जनता सरकार से कुछ खास खुश नजर नहीं आ रही। 2014 में के बाद 2017 विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने वाली बीजेपी को अब लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। आलम यह है कि किसान भी बीजेपी और पार्टी नेताओं का विरोध कर रहे हैं।
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हाल ही में पश्चिमी यूपी के किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। लेकिन अब एक बार फिर वेस्ट यूपी के जिलों में बीजेपी का विरोध देखने को मिल रहा है। ताजा मामला बागपत का है जहां केंद्र सरकार के रवैये से नाराज धनौरा गांव के किसानों ने गांव के बाहर बोर्ड लगा दिया है कि 'बीजेपी वालों का इस गांव में आना सख्त मना है। गांव में अगर घुसे तो जान-माल एवं वाहन की स्वयं रक्षा करें।'
इसके साथ ही ग्रामीणों ने एलान किया है कि बीजेपी का सभी गांव वाले विरोध करेंगे, क्योंकि भाजपा ने किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने दिया था, इस वजह से वह भाजपा नेताओं को गांव में नहीं घुसने देंगे। गांव के पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजपाल सिंह ने इसे लेकर पहले ग्रामीणों के साथ एक सभा की। जिसमें दिल्ली में किसानों के प्रवेश नहीं होने देने पर नाराजगी जाहिर की गई। किसानों का कहना था कि सरकार मुद्दों से देश का ध्यान भटका रही है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी कारण किसान अब धनौरा में भी भाजपा वालों को नहीं घुसने देंगे। किसानों से एकता का आह्वान भी किया और साल 2019 में सरकार को जवाब दिया जाएगा.