मेरठ

मेरठ: मोदी ने मंच पर जयंत चौधरी को दी खास तवज्जो, पश्चिम यूपी में किसान-जाट समीकरण को लेकर बढ़ी चर्चा

UP Politics: मेरठ में नमो भारत परियोजना के शुभारंभ के दौरान पीएम मोदी और जयंत चौधरी की मंच साझेदारी ने पश्चिम यूपी की राजनीति में नए संकेत दिए। किसान और जाट वोट बैंक को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है।
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Feb 23, 2026
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फोटो- प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रमुखता से मंच पर मौजूद जयंत चौधरी

UP Politics: मेरठ के शताब्दीनगर में नमो भारत रैपिड और मेट्रो परियोजना के शुभारंभ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को अपने पास बैठाकर खास राजनीतिक संकेत दिया।

मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ जयंत चौधरी की मौजूदगी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। राजनीतिक जानकार इसे किसान और जाट मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

चौधरी चरण सिंह का जिक्र कर किसानों को साधने की कोशिश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जमकर तारीफ की और उन्हें भारत रत्न दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के हित में बड़ा योगदान दिया था और देश हमेशा उनके काम को याद रखेगा। जैसे ही प्रधानमंत्री ने चौधरी चरण सिंह का नाम लिया, सभा में मौजूद रालोद कार्यकर्ताओं और किसानों ने जोरदार नारे लगाए। इससे साफ संकेत मिला कि किसान वोट बैंक अभी भी पश्चिम यूपी की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है।

जयंत चौधरी का नाम विशेष रूप से लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में मंच पर मौजूद कई जनप्रतिनिधियों का नाम नहीं लिया, जिनमें सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य, विधायक और एमएलसी शामिल रहे। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का नाम विशेष रूप से लेते हुए उनका उल्लेख किया। इसे राजनीतिक तौर पर अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

जयंत चौधरी को नहीं मिला बोलने का मौका, समर्थक रहे मायूस

हालांकि जयंत चौधरी पूरे कार्यक्रम में मंच पर मौजूद रहे, लेकिन उन्हें भाषण देने का अवसर नहीं मिला। इससे उनके समर्थकों में थोड़ी निराशा भी देखने को मिली। इसके बावजूद मंच पर उनकी मौजूदगी को भाजपा और रालोद के बीच मजबूत राजनीतिक तालमेल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले बदलते समीकरणों के संकेत

मेरठ की इस जनसभा ने साफ कर दिया कि आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में पश्चिम यूपी में किसान और जाट वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा जयंत चौधरी को दी गई अहमियत और चौधरी चरण सिंह का बार-बार जिक्र करना इस क्षेत्र में राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

Updated on:
23 Feb 2026 12:20 pm
Published on:
23 Feb 2026 12:20 pm