सरधना में छेड़छाड़ का विरोध करने वाली छात्रा को मनचलों ने घर में घुसकर कैरोसिन छिड़ककर लगा दी थी आग
मेरठ. मनचलों द्वारा छेड़छाड़ का विरोध करने वाली यूपी की एक बेटी की आवाज आज हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गई है। उल्लेखनीय है कि सरधना में छेड़छाड़ का विरोध करने वाली छात्रा को मनचलों ने घर में घुसकर कैरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। इसके बाद उसे गंभीर हालात में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 17 दिन से जिंदगी के लिए मौत से जूझ रही बेटी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आज सुबह मौत हो गई है। बेटी मौत की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे सरधना में मातम छा गया है।
बता दें कि मेरठ के सरधना में बीती 17 अगस्त को छेड़छाड़ के विरोध में मनचलों ने दुस्साहसिक तरीके से घर में घुसकर छात्रा पर कैरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। उसे पहले मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भर्ती कराया था। जहां पर उसका इलाज चल रहा था। छात्रा का अस्सी फीसदी शरीर जल गया था। आज सुबह यानी मंगलवार को वह जिंदगी की जंग हार गई। छात्रा की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
यहां बता दें कि बीते बुधवार को मुख्यारोपी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छात्रा के दादा ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में सरधना में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। मेरठ में भी समाजिक संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया था। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आम लोग भी आगे आए थे। इनके साथ ही राजपूत उत्थान सभा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, करणी सेना, सोम चौबीसी, कुशवाह चौबीसी और सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए थे। इसके बाद पुलिस ने दबाव के चलते घटना वाले दिन आरोपी राजवंश बागड़ी और उसके पिता देवेंद्र बागड़ी को धर दबोचा। उधर, पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को दीपमोहन पुत्र जगमोहन को जेल भेज दिया।
सरधना छावनी में तब्दील
छात्रा की मौत की खबर जैसे ही पुलिस-प्रशासन को मिली तो सरधना को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बड़ी संख्या में फोर्स को मेरठ से सरधना भेजा गया है, ताकि विपरीत स्थिति बनने पर हालात पर काबू पाया जा सके। वहीं छात्रा का शव दिल्ली से लाने के लिए परिजन और रिश्तेदार रवाना हो गए हैं।