
यूपी पुलिस ने थाने से भगाया तो बलात्कार पीड़िता ने खाया जहर, हालत नाजुक
बागपत. बागपत पुलिस अपने कर्तव्य को लेकर कितनी संवेदनशील है और वह महिला उत्पीड़न के मामले को कितनी गंभीर है। इसका सच उस समय सामने आया जब एक बलात्कार पीड़िता ने सुनवाई न होने पर जहर खा लिया। पीड़िता को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामला बढ़ता देख एसपी बागपत ने सीओ बागपत को जांच सौंपकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली, लेकिन अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
दरअसल, मामला बागपत जिले के सिंघावली थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां खेत में चारा लेने गई एक युवती को हवस का शिकार बनाया गया। बता दें कि घटना पांच दिन पहले की है। दो युवकों ने युवती को अकेला पाकर बलात्कार किया और मौके से फरार हो गए। परिजनों का आरोप है कि जब युवती को लेकर वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने कार्रवाई करने के स्थान पर उनको थाने से भगा दिया। दूसरी बार भी पुलिस ने उनको थाने में नहीं घुसने दिया। इसके बाद में गांव के कुछ लोगों ने मामले में समझौता करा दिया, लेकिन इससे पीड़िता को न्याय नहीं मिला और अपनी इज्जत और पुलिस से न्याय नहीं मिलने के चलते उसको खुद से घृणा होने लगी, जिसके चलते उसने जहर खाकर अपनी जान देने का प्रयास किया है। युवती को गंभीर हालत में मेरठ के एक निजी अस्पताल भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे आईसीयू में रखा गया है।
उधर, सिंघावली अहीर पुलिस ने अभी तक आरोपियों को पकड़ना तो दूर मुकदमा तक दर्ज नहीं किया है। शक की बुनियाद पर लोगों को हवालात का रास्ता दिखाने वाली पुलिस बलात्कार हो जाने के बाद भी नहीं जागी। इससे योगी सरकार के महिला सुरक्षा के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बागपत पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। हालांकि एसपी बागपत ने मामले में जांच के आदेश देते हुए इसकी जांच सीओ बागपत को सौंप दी है और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि अभी कुछ दिन पूर्व इसी थाना क्षेत्र में छात्राओं के साथ छेड़खानी करने वालों को भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था।
Published on:
04 Sept 2018 09:23 am

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