
Muskan And Sahil Blue Drum Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में शुक्रवार को बचाव पक्ष की अधिवक्ता की अपील पर ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, हेड मोहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब किया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
अदालत ने आदेश दिया है कि संबंधित पुलिस अधिकारी सुनवाई के दौरान थाने के सीसीटीवी फुटेज, वायरलेस संदेशों का रिकॉर्ड और जीडी (रोजनामचा) अपने साथ प्रस्तुत करें। हालांकि, बचाव पक्ष द्वारा मांगे गए फोरेंसिक एक्सपर्ट को तलब करने की मांग को अदालत ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, इस केस की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में जारी है। गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और गवाही का चरण पूरा हो चुका है।
मामला इस समय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 351 के तहत चल रहा है, जो पहले सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आती थी। इस प्रक्रिया में अदालत ने दोनों आरोपियों से गवाहों के बयानों से जुड़े 32-32 सवाल पूछे थे। दोनों आरोपियों मुस्कान और साहिल ने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया है। मुस्कान का कहना है कि उसे संपत्ति विवाद के चलते फंसाया गया है।
बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने पहले गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय मांगा था। इसके बाद उन्होंने चार साक्ष्य-गवाहों की सूची अदालत को सौंपी और पुलिस रिकॉर्ड व संबंधित अधिकारियों को तलब करने की मांग की।
अभियोजन पक्ष ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि गवाहों के बयान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, ऐसे में अब नए साक्ष्य जोड़ना उचित नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आंशिक रूप से बचाव पक्ष की अपील स्वीकार की। कोर्ट ने थाना प्रभारी, हेड मोहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब किया, लेकिन फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाने की मांग को खारिज कर दिया। अब 4 मई को होने वाली अगली सुनवाई में पुलिस अधिकारियों को रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होना होगा। इस सुनवाई के बाद केस की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।