
Muskan Blue Drum Case Latest Update:मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हुए बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। वकीलों के कार्य से विरत रहने के कारण निर्धारित तारीख (18 अप्रैल) पर अदालत में कार्यवाही नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार (21 अप्रैल) को तय की गई है, जब आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस सुनवाई को लेकर पहले से ही लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
इस सनसनीखेज हत्याकांड की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, अब मामला महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है, जहां आरोपियों से सीधे सवाल-जवाब किए जाएंगे।
अदालत में मंगलवार को होने वाली सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों से गवाहों के बयान और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे। यह प्रक्रिया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 313) के तहत की जा रही है। इस चरण में आरोपियों को उनके खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों पर अपनी सफाई देने का अवसर दिया जाता है।
जांच में सामने आया है कि 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर की थी। इसके बाद शव को नीले ड्रम में भर दिया गया। इस जघन्य अपराध ने पूरे मेरठ में सनसनी फैला दी थी। वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद ट्रायल के दौरान कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। गवाहों के बयान इस केस में अहम भूमिका निभा रहे हैं और इन्हीं के आधार पर अदालत आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
अब केस अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यदि आरोपी अदालत में पूछे गए सवालों के जवाब में कोई ठोस साक्ष्य या गवाह पेश नहीं करते हैं, तो अगला चरण अंतिम बहस का होगा। इसके बाद अदालत इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाएगी।
यह मामला इसलिए भी बेहद चर्चित रहा क्योंकि हत्या के बाद शव को नील (नीले) ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी और लोगों में गहरा आक्रोश भी देखने को मिला था।
फिलहाल सभी की नजरें मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी अदालत में क्या जवाब देते हैं और मामले की दिशा आगे किस ओर जाती है।