मेरठ

Patrika Impact: खबर पर पुलिस ने शराब माफियाओं पर कसा शिकंजा

टीपी नगर क्षेत्र में चल रहा शराब का कारोबार, 'पत्रिका' ने प्रमुखता से उठाया यह मुद्दा  

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Jun 06, 2018
meerut
Patrika Impact: छपी खबर तो दौड़ी पुलिस, शराब माफियाओं पर कसा शिकंजा

केपी त्रिपाठी, मेरठ। मेरठ जिले का टीपी नगर क्षेत्र शराब माफियाओं का गढ़ बना हुआ है। यहां पर बड़े पैमाने पर बाहर की शराब लाकर तस्करी की जाती है। शराब के इस तस्करी के काम में यहां की महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं में न तो पुलिस का खौफ है और न आबकारी विभाग का। तस्करी कर रही महिलाएं खुलेआम पुलिस और आबकारी विभाग को महीना देने की बात कहती है। शराब तस्करी की खबर को 'पत्रिका' ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसको एक मुहिम के रूप में चलाया। 'पत्रिका' में छपी खबर पर ही पुलिस महकमा जागा और अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने टीपी नगर क्षेत्र में शराब माफियाओं के घर पर दबिश दी। दबिश में पुलिस के हत्थे एक शराब माफिया चढ़ ही गया। उससे पुलिस को भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। इस संबंध में 'प़त्रिका' ने यह खबर दी थी...

पुलिस ने एक शराब माफिया पकड़ा

'पत्रिका' की खबर को संज्ञान में लेते हुए आलाधिकारियों ने थाना टीपी नगर पुलिस को छापेमारी के निर्देश दिए जिस पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए अवैध शराब बेचने वालों पर शिकंजा कसा। इस दौरान अवैध शराब बेचने वालों की गिरफ्तारी पुलिस ने की। बताते चले कि नई बस्ती लल्लापुरा चौहान पुरी अवैध शराब तस्करी के नाम से कुख्यात है। इस मोहल्ले में अधिकांश घरों में अवैध शराब की बिक्री की जाती है। टीपी नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध शराब बेचते रंगे हाथ पकड़ा। 'पत्रिका' में छपी खबर के बाद यह टीपी नगर पुलिस की अब तक की बड़ी कार्रवाई है। अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा गया युवक विनोद उर्फ़ गुर्जर है। यह युवक पहले भी कई बार अवैध शराब की तस्करी करते हुए पकड़ा गया है। पुलिस ने युवक के कब्जे से अवैध शराब के दर्जनों पव्वे बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि टीपी नगर क्षेत्र को अवैध शराब मुक्त बनाना है। पुलिस ने पकडे़ गए युवक को जेल भेज दिया है।

लोगों ने 'पत्रिका' को शुक्रिया कहा

वहीं क्षेत्र के लोगों ने 'पत्रिका' को धन्यवाद दिया जो उनकी समस्या को प्रमुखता से उजागर किया। क्षेत्र में रहने वाले युवक वीरपाल का कहना है कि इस क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम होता है। इसकी शिकायत वह पहले भी कई बार पुलिस अधिकारियों और आबकारी विभाग से कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। जब 'पत्रिका' ने खबर का प्रकाशन किया और लोगों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया तो पुलिस डंडा लेकर शराब माफियाओं के पीछे पड़ गई।

Published on:
06 Jun 2018 02:32 pm