
मेरठ। नागरिक संशोधन कानून (CAA) के विरोध में वेस्ट यूपी में मेरठ (Meerut) समेत कई स्थानों पर हुए बवाल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) वेस्ट यूपी (West UP) में बड़ी रैली (Rally) कर सकते हैं। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। अगर पीएम मोदी का कार्यक्रम किसी कारण नहीं बन पाया तो गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) इस रैली को संबोधित करेंगे।
सीएए को लेकर वेस्ट यूपी में जमकर विरोध हुआ है। इसमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदहशर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल समेत वेस्ट यूपी के कई जनपदों में विरोध के दौरान बवाल देखा गया है। इसके जरिए विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर हमला किया है। इन हमलों का जवाब देने के लिए भाजपा की ओर से वेस्ट यूपी में बड़ी रैली के आयोजन का प्लान है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित करेंगे और नागरिक संशोधन कानून को लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर करेंगे। दरअसल, वेस्ट यूपी में मुस्लिमों की बड़ी आबादी है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर हमले बोल रहे हैं, इससे भाजपा थिंक टैंक जवाब देने की तैयारी में जुट गया है। पार्टी ने मुस्लिमों का भरोसा जीतने के लिए सांसदों, विधायकों एवं संगठन को नागरिकता कानून पर भ्रम को दूर करने के लिए कहा है। अल्पसंख्यक मोर्चे के जरिए बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों को बुलाने की भी योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो रैलियां प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हो सकती हैं। अगर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नहीं बन सका तो गृहमंत्री अमित शाह यहां आ सकते हैं। पार्टी की रणनीति के मुताबिक केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी या राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन जल्दी ही मेरठ आएंगे। महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल का कहना है कि पश्चिमी उप्र में प्रधानमंत्री या गृहमंत्री की एक रैली जनवरी में करने की योजना है। यह रैली सीएए को लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर करेगी।