Highlights मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र का मामला सोशल मीडिया पर की थी अश्लील टिप्पणी मामले को लेकर दोनों पक्ष आए आमने-सामने
मेरठ। मंदिर के पुजारी ने सोशल मीडिया पर एक महिला को लेकर ऐसी टिप्पणी की कि मंदिर से लेकर थाने तक बखेड़ा खड़ा हो गया। मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब थाने में पीडि़ता और दरोगा से अभद्रता करने के आरोपी भाजयुमो नेता को दबाव में छोड़ दिया गयां देर रात पुलिस ने दोनों पक्षों की सहमति से मामला सुलझाया।
नौचंदी पुलिस के मुताबिक शास्त्रीनगर की एक महिला सामाजिक संगठन से जुड़ी हुई है। महिला ने देखा कि फेसबुक पर अपलोड उसकी एक पोस्ट पर अश्लील टिप्पणी की गई है। पता किया तो आरोपी शास्त्रीनगर के एक मंदिर का पुजारी निकला। अगले दिन महिला संगठन की महिला पदाधिकारियों के साथ शिकायत लेकर थाना नौचंदी पहुंची। इसके बाद आरोपी पुजारी के समर्थन में भाजयुमो का एक नेता भी पहुंच गया। बताते हैं कि वहां भाजयुमो ने सत्ता का रौब दिखाते हुए महिला को धमकाना शुरू कर दिया। थाने में दोनों की तीखी झड़प हुई। बीच-बचाव को आए एक दरोगा से भी अभद्रता की गई। इस खींचतान में दरोगा की वर्दी भी फट गई।
हंगामा बढऩे पर भाजयुमो नेता को हवालात में डाल दिया गया। इसके बाद पीडि़ता पक्ष की ओर से भी भाजपा की एक पदाधिकारी समेत काफी लोग एकत्र हो गए। मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब एक कॉल आते ही नौचंदी पुलिस ने आरोपी भाजयुमो नेता को छोड़ दिया। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। पुलिस आरोपी पुजारी के खिलाफ आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करने से बचती रही। नौचंदी थाने केे इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर का कहना है कि पहले महिला ने तहरीर दी थी। अब दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत चल रही है।