Blue Drum Muskan Sahil Case Update: नीले ड्रम वाली मुस्कान के साथी साहिल कोर्ट में एक भी सबूत पेश नहीं कर सका। पढ़िए मामले में अपडेट क्या है?
Blue Drum Muskan Sahil Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मंगलवार को अदालत में अहम सुनवाई हुई, लेकिन आरोपी साहिल अपने बचाव में कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। जिला जज की अदालत में डिफेंस एविडेंस के तहत साहिल को अपना पक्ष रखना था, मगर उसके पक्ष से कोई ठोस सबूत अदालत के सामने नहीं रखा गया।
साहिल की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन ने अदालत से समय की मांग की और कहा कि फिलहाल बचाव पक्ष के पास प्रस्तुत करने के लिए कोई एविडेंस उपलब्ध नहीं हैं। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल तय कर दी है।
सौरभ हत्याकांड अब सुनवाई के अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहियों और साक्ष्यों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मामला बचाव पक्ष के साक्ष्य यानी डिफेंस एविडेंस के चरण में है। इसी क्रम में आरोपी साहिल को अदालत ने अपना पक्ष रखने और यदि कोई साक्ष्य हों तो उन्हें पेश करने का अवसर दिया था, लेकिन निर्धारित तारीख पर वह ऐसा नहीं कर सका।
साहिल की वकील रेखा जैन ने अदालत से कहा कि बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए कुछ और समय चाहिए। उन्होंने अदालत से मोहलत देने का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए दो दिन का समय दिया और अगली सुनवाई 30 अप्रैल तय कर दी। अब इस तारीख पर बचाव पक्ष की दलीलें और संभावित साक्ष्य पेश किए जा सकते हैं।
बता दें कि 21 अप्रैल को साहिल ने खुद अदालत में जज के सामने कहा था कि वह अपनी सफाई पेश करना चाहता है और अपने बचाव में साक्ष्य रखना चाहता है। इसी मांग के बाद अदालत ने उसे मौका दिया था, लेकिन मंगलवार की सुनवाई में वह कोई सबूत पेश नहीं कर पाया, जिससे अब अगली तारीख पर नजरें टिक गई हैं।
इस बहुचर्चित हत्याकांड में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला इस समय चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्रह्मपुरी पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मामले में अभियोजन पक्ष अपना पक्ष मजबूती से अदालत के सामने रख चुका है।
अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी, जिसमें मुस्कान और साहिल जेल से ही ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल होंगे। इस सुनवाई को मामले के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान बचाव पक्ष की रणनीति स्पष्ट हो सकती है।
अब कानूनी विशेषज्ञों और पीड़ित पक्ष की नजर इस बात पर है कि बचाव पक्ष अगली तारीख पर कौन से तर्क और साक्ष्य अदालत में रखता है। यदि बचाव पक्ष पर्याप्त साक्ष्य नहीं दे पाता, तो मुकदमे की दिशा तेजी से अंतिम बहस की ओर बढ़ सकती है।
सौरभ हत्याकांड पहले से ही चर्चाओं में रहा है और हर सुनवाई के साथ इस मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। मंगलवार की सुनवाई में साहिल द्वारा सबूत पेश न कर पाना कई सवाल छोड़ गया। अब 30 अप्रैल की सुनवाई को इस केस में अगला बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण दलीलें रखी जा सकती हैं। अदालत की आगे की प्रक्रिया इसी पर निर्भर करेगी कि साहिल अपने बचाव में क्या प्रस्तुत करता है। फिलहाल पूरा मामला 30 अप्रैल की सुनवाई पर टिक गया है, जहां इस बहुचर्चित हत्याकांड में आगे की दिशा तय हो सकती है।