योगी सरकार ने बच्चों की परेशानी को देखते हुए लिया यह निर्णय
मेरठ। यूपी बोर्ड के वे दिन लद गए जब अंकपत्र और प्रमाण पत्र के लिए छात्र को स्कूल और बोर्ड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। अब घर बैठे ही अंकपत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त होने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा अभी 2018 में पास हुए छात्रों को ही उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा पिछले तीन साल में बोर्ड की परीक्षा में बैठे छात्रों के लिए होगी। छात्रों को बस बोर्ड कार्यालय की साइट खोलकर उसमें दिए गए स्थान पर रोल नंबर डालना होगा। उसके बाद एक क्लिक पर उनकी मार्कशीट और प्रमाण पत्र उनके हाथ में होगा।
बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर किया अपलोड
जिस छात्रों ने अब तक कालेज से अंक सहप्रमाणपत्र हासिल नहीं किया है तो वह घर बैठे मूल अंक प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने वेबसाइट पर सभी परीक्षार्थियों के अंक सह प्रमाणपत्र अपलोड कर दिए हैं। इन प्रमाणपत्रों पर बार कोड डाला गया है, जिसे मोबाइल पर स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि प्रमाणपत्र सही है या नहीं।
जनहित की सुविधाओं में शामिल
यूपी बोर्ड के छात्रों को मिलने वाली यह सुविधा भाजपा सरकार ने जनहित की सुविधाओं में शामिल किया है। जिनमें ऑनलाइन जनहित सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ऐसे में बोर्ड से मिलने वाले अंक सह प्रमाणपत्र को वेबसाइट पर अपलोड करने का सिलसिला जारी है।
पिछले पांच साल के प्रमाणपत्र अपलोड
यूपी बोर्ड ने 2013 से 2017 तक के हाईस्कूल और इंटर के प्रमाणपत्र पहले ही बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। जिन्हें छात्र घर बैठे आसानी से एक क्लिक में निकाल सकते हैं। यह सुविधा उप्र बोर्ड के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में उपलब्ध है। मेरठ रीजन बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्राशु सुमन ने बताया कि 2018 की परीक्षा में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों के अंक सहप्रमाणपत्र वेबसाइट पर अपलोड हैं। कलर प्रिंटर होगा तो कालेज से मिलने वाले प्रमाणपत्र जैसा यह भी दिखेगा। इसे वेबसाइट पर जनहित गारंटी सेवा में अपलोड किया गया है।