मेरठ

Meerut:’कई चॉकलेट में मिलाया जा रहा गोमांस’, गो रक्षा को लेकर सरकार पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने साधा निशाना

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News, Meerut: गो रक्षा को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर निशाना साधा। जानिए उन्होंने क्या-क्या कहा?
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Updated: 19 Jun 2026, 3:59 PM IST
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Shankaracharya Avimukteshwaranand Latest News Meerut: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मेरठ में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। बिजली बंबा बाईपास स्थित भड़ाना फार्म हाउस में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण हिंदू समाज को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बाजार में उपलब्ध कई चॉकलेट और बच्चों के खाद्य पदार्थों में गोमांस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

जम्मू-कश्मीर में गोहत्या कानून हटाने का लगाया आरोप

शंकराचार्य ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध था, लेकिन केंद्र सरकार ने करीब 2 वर्ष पहले वहां से संबंधित कानून को समाप्त कर दिया। उनका आरोप था कि इसके बाद गोहत्या के लिए रास्ते खुल गए और अलग-अलग बयानों के माध्यम से इसे वैधता प्रदान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से गोवंश संरक्षण को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

बोले- गोहत्या का मुद्दा गंभीर, समाधान की जरूरत

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गोहत्या का विषय अत्यंत गंभीर है और इसका स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गो संरक्षण के पक्षधर हैं, लेकिन अभी तक देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हिंदू समाज को विभिन्न वर्गों में बांटने का काम किया है, जिससे सामाजिक एकता प्रभावित हुई है।

गोवंश से जुड़ी है धरती की उर्वरक क्षमता

शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि कृषि और पर्यावरण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोवंश धरती की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यदि गोवंश समाप्त हो जाएंगे तो भूमि की उपजाऊ शक्ति भी प्रभावित होगी, इसलिए उनका संरक्षण आवश्यक है।

गोमाता की रक्षा को बताया सभी का धर्म

अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गोमाता का विशेष स्थान है और उनमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का धर्म है और समाज को इस दिशा में जागरूक होकर कार्य करना चाहिए।

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19 Jun 2026, 3:59 PM IST
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