विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी प्रशांत की पत्नी के बाद अब इन पुलिसकर्मियों का हुआ योगी के जिले में ट्रांसफर
मेरठ. लव जिहाद का आरोप लगाकर मेडिकल की छात्रा को यूपी डायल 100 में पीटने और अभद्रता करने वाले चार पुलिसकर्मियों में तीन का तबादला कर दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इन पुलिसकर्मियों का तबादला यूपी के वीआईपी जिले यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में किया गया है। इसके पीछे पुलिस अधिकारियों ने दलील दी है कि निष्पक्ष जांच के लिए आरोपियों का तबादला गोरखपुर किया गया है। बता दें कि केस दर्ज होने के बाद अभी तक इस मामले किसी गिरफ्तारी नहीं हुई है। अब आरोपी पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर वीआईपी जिले में होने से यूपी पुलिस फिर सवालों के घेरे में है।
बता दें कि 23 सितंबर को मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार स्थित किराए के कमरे से विहिप कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग के छात्र-छात्रा को पकड़कर पुलिस को सौंपा दिया था। इसके बाद थाने लाते वक्त यूपी-100 की पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवती से मारपीट करने के साथ ही अमर्यादित टिप्पणी की थी। जिसमें लव जिहाद के आरोप भी लगाए गए थे। इसके साथ ही इन पुलिस वालों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया था। यही वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस के गले की फांस बन गया। इसके बाद अानन-फानन में दो कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और होमगार्ड के एक जवान को सस्पेंड कर दिया गया।
पुलिस को मिल रही गालियां
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के खिलाफ ट्विटर समेत सोशल मीडिया पर शुरू हुई भड़ास निकालने का क्रम अब भी जारी है। इसी कड़ी में मेरठ के मेडिकल थाने के सीयूजी नंबर पर हर दिन विदेशों से कॉल्स आ रहे हैं। इस घटना से क्षुब्ध एक कॉलर ने फोन कर कहा कि मैं सऊदी अरब से बोल रहा हूं। पुलिस ने यह क्या कर दिया है। विदेश में भारत की बेइज्जती हो रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद यहां के लोग भारतीयों का मजाक बना रहे हैं। मैं भारत का रहने वाला हूं, इसलिए दुखी और शर्मिंदा हूं। आपसे गुजारिश है कि अपना व्यवहार सुधारिए।
पुलिस के सीयूजी नंबर पर 100, 144697, 1349, 4447 जैसे नंबरों से कॉल आ रही हैं। इन नंबरों से आने वाले फोन रिसीव करने पर हाय, हैलो की जगह भद्दी-भद्दी गालियां पुलिस वालों को सुनने को मिल रही है। पुलिसवालों का कहना है कि कुछ कॉल्स में धमकी भी दी जा रही है। एक पुलिस अफसर ने बताया कि सुबह पांच बजे से इस तरह की कॉल्स आनी शुरू हो रही है। सीयूजी नंबर के अलावा कुछ लोग मेडिकल थानाध्यक्ष के मोबाइल पर भी इंटरनेट और वॉट्सएप कॉल कर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।