मेरठ

यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा आया सामने, अपहरण और रेप पीड़िता को थाने से भगाया

बिजनौर के बाद अब मेरठ पुलिस ने भी रेप पीड़िता को एफआईआऱ लिखे बिना ही भगाया

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Jul 17, 2018
rape victim
यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा आया सामने, अपहरण और रेप पीड़िता के थाने से भगाया

मेरठ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले महिला सुरक्षा और क्राइम कंट्रोल के नाम पर सत्ता में आई हो, लेकिन प्रदेश में महिलाएं और बेटियां बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। कहीं स्कूल में मासूम से दुष्कर्म की घटना को अंजान दिया जाता है तो कहीं महिला के घर में घुसकर रेप के बाद जला दिया जाता है। कहीं अपहरण कर लड़कियों के साथ रेप की घटना सामने आ रही है। हद तो तब हो जाती है, जब महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम पुलिस इंसाफ मांगने के लिए थाने पहुंचने वाली बेटियों को धुत्कारकर दर-दर भटकने के लिए मजबूर कर देती है। ऐसा ही एक मामला मेरठ में सामने आया है। दरअसल, यहां एक युवती को 7 माह पहले अपहरण करने के बाद से लगातार आरोपी उसके साथ बलात्कार करता रहा। किसी तरह अपराधी के चंगुल से बच कर आने के बाद जब युवती इस घटना की शिकायत के लिए थाने पहुंची तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को थाने से भगा दिया।

ये पूरा मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है। आरोप के मुताबिक यहां पर एक युवती को नशीला पदार्थ देकर उसको अगवा कर लिया गया था। बताया जाता है कि अगवा करने के बाद आरोपी नशे की हालत में युवती को बनारस ले गया और वहां पर 7 माह तक लगातार रेप करता रहा। जब भी युवती ने इसका विरोध किया तो उसकी पिटाई की जाती रही। एक दिन किसी तरह युवती आरोपी के चंगुल से छूटी और लोगों की मदद से अपने परिजनों को सूचना दे दी, जिसके बाद बनारस पहुंचे परिजन युवती को अपने साथ वापस मेरठ ले आए, लेकिन इस मामले में हद तो तब हो गई,जब परतापूर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की ।

इस बीच आरोपी लगातार युवती और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देता रहा। आरोपियों के डर से युवती ने इलाके से पलायनकर कहीं और जाकर बस गई, लेकिन उसके बाद भी आरोपी युवती को जान से मारने पर उतारू हो गया। जब थाना पुलिस ने पीड़िता की नहीं सुनी तो थक हार कर वह मंगलवार को SSp की दहलीज पर पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगाई। तब जाकर एसएसपी ने थाना पुलिस को कार्रवाई करने के आदेश देते हुए इंसाफ का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि एक ऐसी ही घटना में बिजनौर में भी एक युवती की एफआईआर एसपी तक ने लिखने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जब पीड़िता कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गई तो मामला मीडिया में आने के बाद एडीजी की दखल के बाद केस दर्ज किया गया था।

Published on:
17 Jul 2018 08:26 pm