दो अप्रैल से है जेल में, पुलिस ने उपद्रव का मुख्य आरोपी बनाया था
मेरठ। दो अप्रैल को मेरठ में हुए उपद्रव में बसपा के पूर्व विधायक आैर मायावती के खास सिपाही योगेश वर्मा पर योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। इस निर्णय को लेने में यूपी सरकार ने करीब दो सप्ताह में निर्णय लिया। दो अप्रैल से जेल में बंद योगेश को अब सरकार के सामने इस निर्णय के विरोध में अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद एडवाइजरी कमेटी भी निर्णय लेगी। अगर कमेटी ने सहमति जतार्इ तो मायावती के खास सिपाही को करीब एक साल में जेल में रहना पड़ेगा।
रासुका पर शासन ने मुहर लगार्इ
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने योगेश वर्मा पर रासुका तामील कराकर पत्रावली शासन को भेज दी थी। इसके करीब दो सप्ताह बाद शासन ने अवलोकन के बाद योगेश पर रासुका लगाने की मंजूरी दे दी। डेढ़ महीने से जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक को जिला आैर पुलिस प्रशासन ने मेरठ में दो अप्रैल को हुए उपद्रव का दोषी मानते हुए जेल में डाल दिया था। साथ ही 165 आरोपियों को भी जेल भेजा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने योगेश वर्मा पर रासुका की कार्रवार्इ शुरू कर दी थी। हालांकि इसी दौरान योेगेश की पत्नी सुनीता वर्मा ने एससी-एसटी आयोग में इसकी शिकायत की थी। आयोग ने यूपी के डीजीपी समेत कर्इ पुलिस अफसरों को तलब भी किया था, लेकिन इसके बाद जिलाधिकारी ने रासुका की कार्रवार्इ शुरू कर दी आैर योगेश वर्मा पर रासुका तामील कराकर पत्रावली शासन को भेज दी थी। शासन ने इस पर अपनी मुहर लगा दी।