बैंक के लोन की किस्त टूटने पर बढ़ती गर्इ धनराशि
मेरठ। कभी किसानों को कर्जमुक्त करने के दावे, कभी किसानों के लिए सात हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा, कभी किसानों के साथ यूपी आैर केंद्र सरकार के साथ खड़े होने के दावे...! सरकार के इन दावों की पोल मेरठ के परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव नारंगपुर के किसान गिरवर ने खोल दी है। 13 लाख 84 हजार 427 रुपये के कर्जदार इस किसान को इतना परेशान किया गया...
लगातार तकादे से हार्टअटैक
परीक्षितगढ़ के गांव नारंगपुर के किसान गिरवर की मनोहर बंधवी गांव में 25 बीघा जमीन है। 50 वर्षीय गिरवर ने यह जमीन बंधक पर देकर आेरियंटल बैंक से 2011 में आठ लाख 30 हजार का लोन लिया था। बैंक की किस्त टूटने पर यह लोन अब बढ़कर करीब १४ लाख रुपये हो गया था। लोन नहीं देने पर बैंक ने आरसी काटकर तहसील में भेज दी। वहां से अमीन रोजाना लोन की धनराशि का तकादा करने आने लगा। दो दिन पहले भी अमीन आरसी दिखाकर परेशान करके गया था, इससे गिरवर की तबियत बिगड़ गर्इ आैर उन्हें हार्टअैटक आ गया। परिजनोें ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाया यह आरोप
गिरवर की मौैत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से तहसील का अमीन कटी आरसी दिखाकर परेशान कर रहा था। दो दिन पहले भी वह आया था आैर जमीन व मकान की नीलामी का दबाव बनाने लगा। इसमें मामले को निबटाने के लिए उसने कुछ पैसे की मांग की। इससे गिरवर की हालत बिगड़ गर्इ आैर इसलिए उनकी मौत हो गर्इ।