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रमजान के महीने में हिन्दू परिवार की रोजा इफ्तार पार्टी में पहुंचे काफी रोजेदार, इस मिसाल की खूब है चर्चा

मेरठ के गांव किठौली में बनी हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 3 Jun 2018, 4:29 PM IST

meerut

रमजान के महीने में इस हिन्दू की रोजा इफ्तार पार्टी में पहुंचे काफी मुस्लिम, इस मिसाल की खूब है चर्चा

मेरठ। एक ओर जहां हिन्दू-मुस्लिमों के नाम पर लोग दोनों सम्प्रदायों में खाई गहरी करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं रोजेदारों को रोजा इफ्तार पार्टी करवाकर हिन्दू भाई गंगा-जमुनी सभ्यता की मिसाल कायम कर रहे हैं। जानी थानान्तर्गत किठौली गांव में अनिल सांगवान ने गांव में रोजा रख रहे मुस्लिम भाइयों के लिए इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में जब उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम के एकता की कई मिसालें पढ़ी, तो सोचा क्यों न वह भी गांव में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन करें। उनके इस रोजा इफ्तार पार्टी में सैकड़ों रोजेदार शामिल हुए और दावत की।

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देश में और भी हैं कई उदाहरण

अनिल का कहना है कि कर्नाटक में एक हिन्दू मोहन राय ने एक मस्जिद के लिए कम पड़ रही जगह को पूरा करने के लिए अपनी जमीन के एक हिस्से को, जो कि मस्जिद के साथ ही सटा हुआ था दान दे दिया। कर्नाटक में मोहन राय ने यह मिसाल उस वक्त पेश की जब कुछ असामाजिक तत्व हिन्दू-मुस्लिम के बीच भेदभाव पैदा करके साम्प्रदायिक माहौल खराब करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि इसी तरह बिहार के समस्तीपुर के गांव वजीदपुर में करनी मेला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ समिति में मुस्लिमों ने योगदान किया। यह भागवत बीती 4 मार्च से 11 मार्च 2018 तक आयोजित की गई थी। इसमें गांव के मुस्लिम भाई शामिल हुए और उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान तन-मन-धन से पूरा सहयोग किया। इसके अलावा यूपी में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भी एक तरफ निकाह पढ़ा जा रहा था तो दूसरी ओर पंडित शादी के मंत्र पढ रहे थे। खुद मेरठ में इस तरह का सामूहिक विवाह हुआ जिसमें दोनों सांप्रदायों की एकता देखते ही बनती थी। अनिल सांगवान ने कहा कि जिस प्रकार संभल में मदरसे में हिन्दू-मुस्लिमों के बीच फूलों की होली खेली जाती है। उसी प्रकार हमें भी इस गंगा-जमुना सभ्यता को बनाए रखना चाहिए। अनिल का रोजा इफ्तार पार्टी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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