भैंसे की सुरक्षा में 10 से 12 लोग हमेशा ड्यूटी देते हैं, इनमें पांच राइफल और पिस्टल धारी हैं
मेरठ। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ में लगी प्रदर्शनी में भैंसा युवराज लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस भैंसे की सुरक्षा में एक दर्जन सिक्योरिटी गार्ड लगे हुए हैं। इन गार्डों में पांच राइफल और पिस्टल धारी हैं जबकि बाकी लठैत हैं। सुरक्षा ऐसी कि मोदी योगी के मंत्रियों की क्या होगी। इस भैंसे युवराज के पास किसी को भी फटकने नहीं दिया जाता। इसके पास जाने के लिए लोगों को अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है। कोई इसके पास अधिक देर तक नहीं रुक सकता। भैंसा युवराज प्रतिवर्ष ही कृषि मेले में लोगों के आकर्षण का केंद्र होता है। इसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।
कीमत जान हैरान हो जाएंगे आप
'युवराज' के मालिक कर्मवीर ने बताया कि इसकी सुरक्षा में 10 से 12 लोग हमेशा ड्यूटी देते हैं। उन्होंने 'युवराज' को बहुत लाड़-प्यार से पाला है। कर्मवीर की गांव में सैकड़ों एकड़ जमीन है। घर में पूरी तरह खेती किसानी का माहौल है। उन्होंने बताया कि युवराज की किस्म बिल्कुल अलग है। इस किस्म का भैंसा मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। इससे पहले इसी मेले में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये लग चुकी है। इस बार इसकी कीमत एक करोड 10 लाख तक जा पहुंची है। अभी उनका बेचने का कोई इरादा नहीं है।
क्यों है इतना महंगा
भैंसे युवराज के सीमैन को कर्मवीर प्रतिवर्ष 50 से 60 लाख तक रुपये में बेचते हैं। यह भैंसा विशुद्ध मुर्रा नस्ल का है। युवराज के मालिक कर्मवीर बताते हैं कि इसकी कीमत एक बार नौ करोड़ रुपये तक लग चुकी है। उनका अभी इसको बेचने का कोई इरादा नहीं है। युवराज कई मेडल और शील्ड भी जीत चुका है।