Chhanbey ByElection: मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट अपना दल के विधायक राहुल प्रकाश कौल के निधन के बाद खाली हुई है। यहां पर आज उपचुनाव हो रहे हैं। आइए जानते हैं इस सीट का इतिहास।
Chhanbey ByElection: मिर्जापुर जिले की छानबे विधानसभा सीट पर आज उपचुनाव हो रहा है। छानबे सीट पर आठ उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनके किस्मत का फैसला आज EVM में कैद हो जाएगा। छानबे सीट शुरुआत से सुरक्षित रही है। बीच में कुछ सालों के लिए सामान्य हुई थी। लेकिन बाद में अनुसूचित जाति जनजाति के लिए फिर से सुरक्षित हो गई।
छानबे विधानसभा पर उपचुनाव के लिए बुधवार सुबह सात बजे से वोटिंग जारी है। कड़ी सुरक्षा के बीच लोग मतदान करने बूथ पर पहुंच रहे हैं। मतदान शाम छह बजे तक होगा। 13 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे। यहां सत्तारूढ़ बीजेपी के उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं, लेकिन सहयोगी अपना दल एस और मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी में कांटे की टक्कर है।
छानबे विधानसभा पर आदिवासियों का रहा है दबदबा
छानबे विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी, कोल बाहुल्य अधिकांश हिस्सा पिछड़ा है। छानबे विधानसभा सीट 1952 से 1962 तक सुरक्षित घोषित थी, लेकिन 1962 से 1974 तक इसे समान्य घोषित कर दिया गया था। 1974 के बाद से अब तक यह सीट सुरक्षित ही है। इस सीट की राजनीति दलित वोट बैंक पर आधारित है। हालांकि सवर्ण और पिछड़े मतदाता भी इस सीट को प्रभावित करते हैं। बीते विधानसभा चुनाव में मिर्जापुर जिले में सपा, बसपा, कांग्रेस का खाता नहीं खुला था।
2017 में पहली बार सपा का खुला खाता
1996 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से भाई लाल कोल यहां से जीते थे। 2002 में बसपा से पकौड़ी लाल कोल, 2007 में बसपा से सूर्यभान, 2012 में सपा से भाईलाल कोल ने जीत दर्ज कर पहली बार सपा का खाता खोला। 2017 में भाजपा अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी राहुल प्रकाश कौल को जीत मिली थी।
कुल मतदाता
इस विधानसभा सीट पर पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,86,792 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,57,564 है। वहीं कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 44 हजार 356 है। यहां 2017 के विधानसभा चुनाव में अपना दल के प्रत्याशी राहुल प्रकाश की जीत हुई थी।