IAS Officer Singing Video Viral: अपर आयुक्त IAS डॉ. विश्राम यादव ने अपने गायन से समा बांध दिया। जानिए कौन हैं विश्राम यादव जिनके लोग फैन हो गए हैं? देखिए पूरा वीडियो।
IAS Officer Singing Video Viral: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स मंच पर पूरे भाव और लय के साथ बिरहा गाते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह कोई पेशेवर गायक नहीं, बल्कि IAS अधिकारी डॉ. विश्राम यादव (Dr. Vishram Yadav )हैं। उनके इस अनोखे अंदाज ने लोगों का ध्यान खींच लिया है और सोशल मीडिया पर उनकी खूब सराहना हो रही है।
दरअसल, मिर्जापुर में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में बिरहा सम्राट विजय लाल यादव (Vijay Lal Yadav) और गायिका रुचि यादव (Ruchi Yadav) भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विश्राम यादव को मंच पर आमंत्रित किया गया। जैसे ही उन्होंने बिरहा गाना शुरू किया, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।
बिरहा पूर्वांचल क्षेत्र की एक प्रसिद्ध लोकगीत शैली है, जिसमें भावनाओं और सामाजिक मुद्दों को सुरों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। हालांकि, समय के साथ यह लोक विधा धीरे-धीरे खत्म होने के कगार पर पहुंच रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस कला को मंच पर प्रस्तुत करना लोगों के लिए खास अनुभव बन गया।
कार्यक्रम में मौजूद विजय लाल यादव, जिन्हें बिरहा सम्राट कहा जाता है, इस विधा के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। वहीं रुचि यादव भी अपनी गायिकी के लिए जानी जाती हैं और हाल ही में एक विवादित गीत के चलते चर्चा में रही थीं। इन दोनों के बीच डॉ. विश्राम यादव का प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बन गया।
डॉ. विश्राम यादव वर्तमान में मिर्जापुर-विंध्याचल मंडल में अपर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन्हें इसी वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा IAS पद पर प्रमोट किया गया है। इससे पहले वे PCS अधिकारी के रूप में कार्यरत थे और जिले में SDM सदर, नगर मजिस्ट्रेट और ADM जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
IAS बनने के बाद भी डॉ. विश्राम यादव का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें जमीन से जुड़ा और सरल स्वभाव का अधिकारी बता रहे हैं। उनका यह वीडियो न सिर्फ वायरल हो रहा है, बल्कि लोगों को लोक संस्कृति से जुड़ने का संदेश भी दे रहा है।