आर ध्रुवराज कक्षा नौ का छात्र था, सहपाठी को मॉनिटर बनाए जाने पर वह काफी दुखी था।
नई दिल्ली। बेंगलुरु में एक बच्चे ने कक्षा में मॉनिटर न बनाए जाने पर आत्महत्या कर ली। 14 वर्षीय आर ध्रुवराज कक्षा नौ का छात्र था। जानकारी के अनुसार मंगलवार को कक्षा में मॉनिटर के लिए उसे न चुने जाने कारण वह काफी दुखी था। घर पहुंचने के बाद उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ध्रुवराज बेंगलुरु के नामी इंटरनेशनल स्कूल का छात्र था। स्कूल का कहना है कि छात्र को मॉनीटर न बनाए जाने की बात एक पर्सनल मामला है। इसमें कक्षा टीचर को हक वह किसी मॉनिटर बनाए।
लोगों से बोलना बंद कर दिया था
छात्र की मां के अनुसार मॉनिटर का चयन एक माह पहले हुआ था। इस दौड़ में चार उम्मीदवार थे। इसमें मेरा बेटा भी शामिल था। मगर उसके सहपाठी को मॉनीटर बनाए जाने के बाद से ध्रुवराज काफी निराश था। मां का कहना था कि बेटे के पास मॉनिटर बनने के सभी गुण होने के बावजूद उसे चुना नहीं गया। इससे वह बिल्कुल टूट गया था। उसने कुछ दिनों से लोगों से बोलना बंद कर दिया था। इस दौरान उसने अपने दोस्तों के साथ खेलना भी बंद कर दिया।
पिता ने भी लगाई थी फांसी
मां ने बताया कि मंगलवार को स्कूल में चार कक्षाओं के लिए मॉनिटर चुना जाना था। दोपहर में स्कूल से लौटने के बाद ध्रुवराज काफी उदास था। उसे कक्षा मॉनीटर न चुने जाने की बात बताई।
रात में करीब 10.30 बजे उसने थोड़ा खाकर अपने कमरे का दरवाजा लॉक कर लिया। मां ने बताया काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर उन्हें घबराहट महसूस हुई और उन्होंने पड़ोसी की मदद से दरवाजा तुड़वाया, तो सामने देखा की ध्रुव पंखे की सीलिंग से लटका हुआ है। उसे फांसी से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत बताया दिया। जानकारी के अनुसार ध्रुवराज जब यूकेजी की कक्षा में था,तब उसके पिता ने भी इसी तरह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।