न्यायलय के क्षेत्र में एक और चेहरा ऊभरकर सामने आया है। उनका नाम इंदु मल्होत्रा।
नई दिल्ली। आज हमारे देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम फहरा रही हैं। फिर चाहे वो खेल जगत में हो, रक्षा मामले में हो या राजनीति और न्यायालय की बात हो। हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलना और अपना एक नया मुकाम कायम करना, अब आम बात हो गई है।
ऐसे ही न्याय मामले में एक और चेहरा ऊभरकर सामने आया है। उनका नाम इंदु मल्होत्रा।
इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में वकील से सीधे जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होंगी। बता दें कि वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट की जज बनाने पर सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है।
हालांकि उनका नाम आने से राजनीतिक गलियारों में काफी हलचलें भी देखने को मिले। विपक्ष ने भी कई मुद्दे उठाए, यहां तक की उनके नाम को खारिज करने की भी बात हुई। लेकिन सरकार अपने निर्णय पर कायम रही और शुक्रवार को इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर शपथ लेंगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल लाने वाली इंदु मल्होत्रा के बारे में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो शायद ही किसी को पता हो। उनके वकालत का सफर, क्यों इस नाम से इतनी हलचल है। जानिए-
-सुप्रीम कोर्ट में सीधे जज बनने वाली देश की पहली महिला।
-सुप्रीम कोर्ट के लगभग 68 साल के इतिहास में इंदु मल्होत्रा एससी की सांतवी महिला जज होंगी। इंदु से पहले जस्टिस फातिमा बीवी, सुजाता मनोहर, रुमा पाल, ज्ञान सुधा मिश्रा, रंजना देसाई और आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की जज बनी हैं।
-इंदु मल्होत्रा का जन्म 1965 में बंगलौर में हुआ था। कुछ समय के बाद से वो दिल्ली आ गईं।
-इंदु ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज से पॉलीटिकल साइंस और मास्टर की डिग्री भी पाई।
-बता दें कि इंदु 1983 से प्रैक्टिस कर रही हैं और वो कई अहम फैसलों की जज भी रही हैं।
-इंदु मल्होत्रा वकील परिवार से हैं। उनके ओम प्रकाश मल्होत्रा एक जाने -माने वकील थे व उनके भाई व बहन भी वकील हैं।
-वकालत शुरु करने से पहले वो एक टीचर थीं और दिल्ली के काॅलेज में पढ़ाती थीं।
-1988 में वह सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड चुनी गईं तीं।
- 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने इंदु को सीनियर वकील नियुक्त किया।
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