
नई दिल्ली। अमृतसर रेल हादसे में अब एक नया मोड़ आ गया है। पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ बिहार सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया गया है। यह मुकदमा दशहरा के दिन जोड़ा फाटक के पास रावण वध समारोह के दौरान ट्रेन से 60 लोगों की कटने की घटना के समय उनकी मौजूदगी को लेकर किया गया है। इस मामले में सिद्धू की पत्नी को आरोपी बनाया गया है। दर्ज मुकदमें में बताया गया है कि नवजोत कौर के भाषण के कारण लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और यह घटना हुई।
तीन नवंबर को होगी सुनवाई
पंजाब की पूर्व विधायक नवजोत कौर के खिलाफ यह मुकदमा मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के भीखनपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने दाखिल कराया है। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है। सीजेएम ने इसकी सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख मुकर्रर की है। बिहार में मुकदमा दर्ज होने के बाद सिद्धू की पत्नी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
लोगों के जान की नहीं की परवाह
सीजेएम कोर्ट में दर्ज मुकदमा में आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के आयोजकों और मुख्य अतिथि नवजोत कौर ने रेल पटरी पर जमा लोगों के जान की परवाह नहीं की। आरोप में कहा गया है कि अमृतसर के जोड़ा फाटक के निकट रावण वध समारोह आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने किया। उनकी मौजूदगी व भावनात्मक भाषण से भारी भीड़ हो गई और लोग रेलवे ट्रैक पर जमा हो गए। उन्होंने सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं रखा जिसके कारण ये घटना हुई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि भावनात्मक भाषणों की वजह से भीड़ का ध्यान उन्हीं की ओर था और ट्रेन के आने का लोगों को पता ही नहीं चला। इस घटना में 60 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद नवजोत कौर सिद्धू लोगों को बचाने के बदले वहां से भाग खड़ीं हुईं। थोड़ी बाद उन्होंने घटना के समय मंच पर मौजूद न होने का झूठा बयान दिया।