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अमृतसर रेल हादसा: मरते-मरते भी कई कइयों की जान बचा गया ‘रावण’, मां ने कहा बेटे पर गर्व

विजयदशमी के दिन रावण वध देखने पहुंचे लोगों को इस बात का भान तक नहीं था कि इस दौरान वह खुद अपनी जान गवां बैठेंगे।
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Oct 20, 2018
Amritsar train accident
अमृतसर रेल हादसा: मरते-मरते भी कई कइयों की जान बचा गया 'रावण', मां ने कहा बेटे पर गर्व

दिल्ली। पंजाब के अमृतसर में दशहरे के दिन रावण पुतला दहन के समय हुए रेल हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई। जबकि 72 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। विजयदशमी के दिन रावण वध देखने पहुंचे लोगों को इस बात का भान तक नहीं था कि इस दौरान वह खुद अपनी जान गवां बैठेंगे। वहीं, रामलीला में रावण का किरदार निभा रहे दलबीर सिंह की भी इस हादसे में मौत हो गई। लेकिन शायद यह बात कम ही लोगों को मालूम होगी कि हादसे के समय दलबीर ने लोगों की जान बचाने के चक्कर में अपनी जान की भी परवाह नहीं की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दलबीर हादसे से चंद मिनट पहले ही रामलीला स्थल अपने घर के लिए निकल चुके थे। जैसे ही वह रेलवे ट्रैक तक पहुंचे तो उन्होंने ट्रेन आने की आवाज सुनी। तभी दलवीर ने घर न जाकर वहां से लोगों को हटाना शुरू कर दिया। 24 वर्षीय दलबीर सिंह इस वर्ष अपने मोहल्ले में होने वाली रामलीला में रावण का किरदार निभा रहे थे। घटना के दिन हादसे से पहले वह रामलीला खत्म कर अपने घर को जा रहे थे। तभी उनकी नजर जालंधर की ओर से तेज गति में आ रही ट्रेन पर पड़ी और उन्होंने खतरे का भांपते हुए दौड़ कर लोगों को हटाने का प्रयास किया। लेकिन इस दौरान वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गए।

उनकी मां के अनुसार दलबीर ने कई लोगों की जान बचाई। इसलिए उनको अपने बेटे पर उनको गर्व है। आपको बता दें दलबीर अपने पीछे विधवा मां, पत्नी और आठ माह के बेटे को छोड़ गए हैं। अब दलबीर के परिजनों की मांग है कि उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।

Updated on:
20 Oct 2018 03:24 pm
Published on:
20 Oct 2018 03:24 pm